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HEC ने कर्मचारियों के लिए जारी किया फरमान, प्लांट में स्मार्टफोन लाने पर रोक, अफसरों को छूट Ranchi News

Arti Agarwal
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Ranchi News: झारखंड एक प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC Ranchi) एक बार फिर सुर्खियों में आ चुका है इसका मुख्य कारण एचईसी प्रबंधन के द्वारा जारी किए गए फरमान के कारण हुआ है. प्रबंधन के मुताबिक यहां काम करने वाले कर्मचारी प्लांट के भीतर स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे.

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एचईसी प्रबंधन ने एक फरमान जारी करते हुए यह कहा है कि प्लांट के भीतर कर्मचारी स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे इसके पीछे का कारण प्रबंधन ने बताया है कि स्मार्टफोन के इस्तेमाल से प्लांट में काम करने वाले मजदूरों का ध्यान भटकता है जिस से काम प्रभावित होता है लेकिन यह व्यवस्था निदेशक, सीवीओ, जनरल मैनेजर और शॉप्स डिपार्टमेंट के इंचार्ज पर लागू नहीं होता है. यह आदेश प्रशासनिक, कार्मिक डिवीजन के मैनेजर प्रशांत कुमार के हवाले से जारी हुआ है इस व्यवस्था को 30 सितंबर से लागू कर दिया जाएगा.

इस फरमान में कहा गया है कि कर्मचारी बिना कैमरा वाले की-पैड फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं. 30 सितंबर से इस आदेश का उल्लंघन करते पाए जाने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस फरमान का विरोध ना हो इसलिए की-पैड फोन की इजाजत दी गई है. एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रामाशंकर प्रसाद का कहना है कि कामगारों की मांगों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया गया है.

मजदूर संघ के महामंत्री रामाशंकर प्रसाद ने कहा कि एक तरफ मोदी जी डिजिटल इंडिया की बात करते हैं तो दूसरी तरफ इस संस्थान के अधिकारी स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगा रहे हैं उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पीतल से बने एक हिस्से की चोरी हुई थी. उसका वजन इतना ज्यादा था कि उसे हाथ से नहीं उठाया जा सकता था. रामा शंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि इस प्लांट से कई चीजें चोरी हुई है कामगार इन बातों को दिल्ली तक पहुंचाते रहे हैं जो यहां के प्रबंधन को नागवार गुजरता है.

बता दे कि, एचईसी की स्थापना साल 1958 में हुई थी इस प्लांट से 1964 में उत्पादन शुरू हुआ था. समय के साथ घाटे की वजह से एचईसी की चमक फीकी पड़ती चली गई लेकिन आज भी इस संस्थान में ऐसी चीजें बनती है जो अन्य किसी प्लांट में नहीं बन सकती है. इस्पात, रेलवे, खनन, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु और सामरिक क्षेत्रों के लिए भारत में पूंजीगत उपकरणों के लिए यह संस्थान अग्रिम आपूर्तिकर्ताओं में से एक है. 

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