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झारखंडी जनभावना के अनुरूप रहा हेमंत सरकार का साल 2022, आदिवासियों-मूलवासियों की सरकार साबित हुई हेमंत सरकार

झारखंड की हेमंत सरकार अगले कुछ दिनों में अपने तीन वर्षों का कार्यकाल पूरा करने जा रही है. साल 2022 राज्य सरकार से लेकर राज्य वासियों के लिए भी भी बेहतर साबित हुआ है. इस वर्ष हेमंत सरकार ने कई ऐसे महत्वपूर्ण निर्माण लिए जिस कारण उनकी प्रशंसा चारो तरफ हो रही है. साल 2020 और 2021 कोरोना के कारण सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन कोरोना जैसी महामारी से हेमंत सरकार ने डट कर मुकाबला किया है.

देखा जाए तो साल 2022 में हेमंत सरकार ने पूरी तरह से चुनावी वादों को पूरा करने पर फोकस रखा. हेमंत सोरेन ने हर उस चुनावी वादों को पूरा किया, जो 2019 में घोषणा की गयी थी. ऐसा कर उन्होंने 3.25 करोड़ की जनसंख्या को यह बताने की पुरजोश कोशिश की कि उनकी सरकार आदिवासी-मूलवासियों की सरकार है और आगे भी वह साहसिक निर्णय लेने से कभी पीछे नहीं हटेगी.

झारखंडियों को हक़ और अधिकार देने के लिए सरकार ने इन चुनावी वादों को किया पूरा

हेमंत सरकार ने अपनी चुनावी घोषणा के अनुसार झारखंड वासियों को उनका हक़ और अधिकार देने एवं सरकारी योजनाओं को उन तक बेहतर ढंग से पहुँचाने के लिए कई कार्य किये है जो इस प्रकार हैं-

1. राज्य की 1932 खतियान विधेयक विधानसभा से पारित:

झारखंड में 1932 का खतियान ही स्थानीय का आधार होगा. विधानसभा से हेमंत सरकार ने इसे पारित करा लिया है. सरकार इसे नौंवी अनुसूची में शामिल करना चाहती है. इसके लिए बीते दिनों मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गठबंधन के सभी नेताओं ने राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की. इसके लागू होने के बाद झारखंड में थर्ड और फोर्थ ग्रेड में नौकरी वहीं कर पाएंगे, जो 1932 का खतियान रखते हैं.

2. आरक्षण का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा से पास:

झारखंड में आरक्षित वर्ग के आरक्षण का दायरा बढ़ेगा. झारखंड विधानसभा ने भी हाल में सर्वसम्मति से विधेयक पारित करके राज्य में कुल आरक्षण 77 प्रतिशत करने की दिशा में कदम उठाया है.

  • अनुसूचित जनजाति – 26 से बढ़कर 28 प्रतिशत
  • अनुसूचित जाति – 10 से बढ़कर 12 प्रतिशत 
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) – 14 से बढ़कर 27 प्रतिशत 

वहीं, राज्य में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग का आरक्षण 10 प्रतिशत बनाए रखा गया है. राज्य सरकार ने इसे भी नौंवी अनुसूची में शामिल करवाने की मांग की है.

3. नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना रद्द:

हेमंत सोरेन से अगस्त 2022 में नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचना रद्द करने का फैसला किया है. सरकार के इस फैसले से जनजाति समाज के लोगों में काफी खुशी है. पिछले 28 साल से अधिसूचना रदद् करने को लेकर स्थानीय जनजातीय लोग आंदोलनरत थे.

4. निजी क्षेत्र में स्थानीय के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण:

झारखंड के निजी क्षेत्रों में स्थानीय को 75 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान बीते 28 जुलाई को लागू हुआ है. झारखंड राज्य के निजी क्षेत्रों में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन नियमावली – 2022 की गजट अधिसूचना जारी की गयी. अब राज्य के हर निजी क्षेत्र की नौकरियां में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों (आदिवासी-मूलवासी) को देनी होगी.

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5. झारखंड आंदोलनकारियों को तोहफा:

हेमंत सरकार ने अलग राज्य निर्माण के लिए लड़ाई लड़ने वाले आंदोलनकारियों को इस साल एक बड़ा तोहफा दिया. अलग झारखंड राज्य की मांग करने वाले शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती दी जाएगी. साथ ही, शहीद परिवार के एक सदस्य को 7000 तक का मासिक पेंशन भी देगी.

इन योजनाओं को पूरा कर सरकार ने आम जनता को सीधा सरकार और प्रशासन से जोड़ा, जिसका अब दिख रहा है असर

  • राज्यकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीसी) लागू करना – इसके लिए सरकार ने सभी कर्मियों से एक शपथ पत्र देने का निर्णय दिया. सितंबर से दिसंबर तक (महज चार माह) 1 लाख से अधिक कर्मियों ने ओपीसी को चुना है.
  • यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लागू करना – साल 2022 में सरकार ने योजना से 13 लाख बुजुर्ग, विधवा, एकल और परित्यक्त महिला, दिव्यांग को पेंशन दिलाया.
  • सोना सोबरन धोती साड़ी योजना लागू – योजना में 60 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को 10 -10 रुए में साल में 2 बार धोती-लूंगी और साड़ी देने का फैसला हुआ.
  • हरा राशन कार्ड से 20 लाख गरीब लोगों को राशन देने की घोषणा हुई.
  • सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना – 9 लाखों किशोरियों को 18-19 साल की आयु तक 40,000 की सहायता देने का फैसला हुआ. 29 दिसंबर 2022 को सरकार 5.60 बच्चियों को योजना का लाभ डीबीटी के माध्यम से देगी.
  • प्री एवं पोस्ट मेट्रिक स्कालरशिप राशि हुई तीन गुणा – 25 लाख बच्चों के खाते में डीबीटी के माध्यम से स्कालरशिप की राशि का भुगतान होगा.
  • 100 यूनिट मुफ्त बिजली – हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड के गरीबों को 100 यूनिट बिजली मुफ्त देना शुरू कर दिया है. जुलाई से ही यह सुविधा लागू कर दी गई है. राज्य के 32 लाख गरीबों को यह लाभ मिलने लगा है. झामुमो ने चुनाव में इसके लिए वादा किया था.
  • सुओ मोटो ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया शुरू – लोगों को अब जमीन की रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन के लिए आवेदन कराने की जरूरत नहीं होगी. बिचौलियों की घुसपैठ खत्म होगी.
  • पुलिसकर्मियों की क्षतिपूर्ति अवकाश लागू – राज्य पुलिस के चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के लिए एक महीने के अतिरिक्त मानदेय के साथ क्षतिपूर्ति अवकाश को फिर से बहाल करने का फैसला हुआ. इससे करीब 70,000 पुलिसकर्मियों को फायदा होगा.
  • 61,421 पारा शिक्षकों, 77,000 आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका – राज्य गठन के बाद पहली बार पारा शिक्षकों और सेविका-सहायिका के लिए नियमावली बनायी गयी.
  • 6000 मनरेगा कर्मियों को मिला हक-अधिकार – झारखंड में संविदा पर कार्यरत मनरेगा कर्मियों के अनुभव के आधार पर मानदेय की बढ़ोत्तरी की गई.
  • मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना : 22 जिलों के 226 सूखाग्रस्त प्रखंडों के 30 लाख किसान परिवारों को प्रति माह 3,500 रुपये परिवार की सहायता देने की घोषणा. 29 दिसंबर को 10 लाख किसानों को डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जाएगी.
  • 100 किसान पाठशाला के निर्माण की स्वीकृति – इससे किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों का लाभ दिया जाएगा. खूंटी के कर्रा में पाठशाला का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया है.
  • मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना – योजना के तहत सहायता राशि में बढ़ोतरी की गयी. योग्य व्यक्तियों को अब योजना के तहत चिकित्सा सहायता अनुदान की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की गयी.
  • 17 – महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर का सौंदर्यीकरण का फैसला हुआ. यहां पर 500 बेड के नए अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई. इसी तरह मेदिनीनगर सदर अस्पताल में 100 बेड की क्षमता वाले नए भवन की आधारशिला रखी गई.
  • नवीकरणीय ऊर्जा के महता को देखते हुए राज्य के गिरीडीह शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की पहल हुई.
  • वर्षों बाद कल्याण विभाग के छात्रावासों के जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ. 593 छात्रावासों में से 234 का काम पूरा हो गया है. यहां पर सिक्योरिटी गार्ड एवं रसोईया की भी बहाली कराने का प्रबंध किया जा रहा है. सरकार अब इन छात्रावासों में बच्चों के लिए अनाज भी उपलब्ध कराएगी.
  • राज्य गठन के बाद पहली बार एक साथ 14 राइस मिलों का शिलान्यास किया गया. सरकार का उद्देश्य किसानों को धान का उचित मूल्य दिलाना है. राइस मिल का उद्घाटन पलामू, गढ़वा, सिमडेगा, खूंटी, गुमला, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद, बोकारो और गोड्डा में एक साथ हुआ.
  • सिंचाई को लेकर राज्य सरकार ने छह मेगा लिफ्ट परियोजनाओं पर काम शुरू की है. इसमें कनहर बराज योजना, मसलिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना, पलामू पाइप लाइन सिंचाई योजना, तिलैया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, भोगनाडीह मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामि
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