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हेमंत सरकार ने ढाई साल में कई ऐतिहासिक काम किए, 20 वर्षों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Arti Agarwal

रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने पिछले ढाई साल कार्यकाल में कई ऐसे कार्य किए हैं जो राज्य गठन के बाद पहली बार हुआ है और सभी कार्य योजनाएं धरातल पर उतरने के साथ ही नए रिकॉर्ड कायम कर रही है. झारखंड की 75% से अधिक आबादी गांव में निवास करती है यानी ग्रामीण क्षेत्रों में राज की कुल जनसंख्या का अधिकतर हिस्सा निवास करता है ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखकर वर्तमान के हेमंत सोरेन सरकार अपनी कार योजना बनाकर धरातल पर उतारने में कामयाब हो रही है और जनता को इसका सीधा लाभ भी मिल रहा है.

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ट्रेनों एवं हवाई जहाज से मजदूरों को लाना:

हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण के कुछ महीने बाद ही देश में कोरोना वायरस ने दस्तक दे दिया और इस विश्वव्यापी महामारी से पूरे देश में हाहाकार मच गया सभी सरकारें रोना रो रही थी तभी राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों में फंसे मजदूरों और निवासियों को ट्रेनों एवं जहाजों से सुरक्षा पूर्वक उनके घरों तक पहुंचाने का कार्य किया है। बता दें कि पूरे भारत देश में अपने मजदूरों को लाने वाला पहला ट्रेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से झारखंड के लिए रवाना हुआ। इस बेहतर कार्य के लिए उन्हें बेस्ट सीएम के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।

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आदिवासियों के लिए सरना कोड पारित किया:

1951 की जनगणना के बाद देश के आदिवासियों को धर्म के आधार पर “अन्य कॉलम” मैं डाल दिया गया. तभी सरना आदिवासियों ने अपने समुदायों के बीच जागरूकता फैलाना शुरू किया. वर्ष 2011 की जनगणना में झारखंड में सरना मतावलंबियों ने लगभग 40 लाख से अधिक संख्या में खुद को सरना के रूप में दर्ज किया। झारखंड राज्य आदिवासी बहुल राज्य है और उनके सम्मान और पहचान के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने “सरना धर्म कोड” को विधानसभा में मोहर लगाकर केंद्र के पास भेज दिया।

राज्य के सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की सौगात:

1 अप्रैल 2004 को पुरानी पेंशन योजना अटल सरकार के दौरान बंद कर दिया गया था और उसी समय से पुरानी पेंशन योजना को पुनः चालू करने के लिए कर्मचारियों ने लगातार आंदोलन करते रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने चुनाव घोषणा में पुरानी पेंशन योजना चालू कराने की बात कहा था, विगत कैबिनेट में इसे पारित कर दिया गया है जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही हैं.

सबसे कम समय में जेपीएससी का परिणाम घोषित करना:

22 साल के झारखंड सरकार इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जेपीएससी (JPSC) का अपना नियमावली बना है और उसी नियमावली के माध्यम से 7वीं, 8वीं, 9वीं और 10वीं जेपीएससी के 252 सीटों पर 252 दिनों के अंदर नियुक्ति पत्र देकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने कार्य योजनाओं से झारखंड वासियों को प्रभावित कर रहे हैं और यही कारण है कि अब वे बहुत ही लोकप्रिय मुख्यमंत्री के नाम से देश में प्रसिद्ध हो गए हैं।

पलाश पुष्प को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान, महिलाओं को मिल रहा रोजगार:

हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद का जैसे बागडोर संभाला तभी से झारखंड संस्कृति और सभ्यता को देश और विदेश के मानस पटल पर रखने का कार्य किए हैं, बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के नए प्रतीक चिन्ह में पलाश पुष्प को जोड़ा था। जिससे झारखंड की प्राकृतिक सौंदर्य का बोध होता है एवं स्थानीय पर्व-त्योहारों और जनजातियों कला संस्कृति का एक प्रतीक चिन्ह पलाश पुष्प है जो 15 अगस्त 2020 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के प्रतीक चिन्ह में सुशोभित किया. अब यह एक ब्रांड बन चुका है और महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा हैं

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झारखंड के आदिवासियों को विदेश में पढ़ाई:

मुख्यमंत्री ने झारखंड के मेधावी आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी भेजने का काम किए जिसका सारा खर्चा हेमंत सोरेन की सरकार ने उठाया था इन बच्चों का चयन राज्य सरकार के “मरांग गोमती जयपाल सिंह मुंडा परदेसिया छात्रवृत्ति योजना” के तहत चयनित किया गया। और इस योजना का लाभ भविष्य में और भी कई छात्रों प्राप्त हो इसके लिए सरकार पहल करेंगे।

खेल में नया कीर्तिमान लिख रहा झारखंड:

खेल जगत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कार्य झारखंड खिलाड़ियों को भाया है राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिया और उन्हीं में से लवली चौबे एवं रूपा रानी तिर्की को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिया है जो इस बार हो रहेझारखंड की लवली चौबे व रूपा रानी तिर्की ने कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड जीतकर राज्य का मान सम्मान बढ़ाया दिया. झारखंड राज्य के दो महिला खिलाड़ी सलीमा टेंट और निक्की प्रधान का चयन इस बार ओलंपिक में हुआ था. फुटबॉल समेत कई खेलों में झारखंड इस बार एक नया इतिहास लिखा है।

सर्वजन पेंशन योजना

वृद्ध महिला-पुरुष,विकलांग और एड्स से पीड़ित रोगी एवं परिवार जन कल्याण सुरक्षा योजना के अहर्ता रखने वाले सभी लाभुकों को लाभ देने का काम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया है पूर्व में निर्धारित कोटा के माध्यम से पेंशन सहायता राशि दिया जाता था जो इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अहाता रखने वाले तमाम झारखंड वासियों को पेंशन देने का कार्य किया इससे कई गरीब वृद्ध और असहाय को मदद हो पाया है।

एक आदिवासी की बुलंद आवाज से भाजपा बदहवास

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई कल्याणकारी योजनाओं से झारखंड को लाभान्वित किया है साथ ही साथ भाजपा के तमाम बड़े नेता चाहे प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश हो या बीजेपी दल के नेता बाबूलाल मरांडी हो सभी बड़े नेताओं ने झारखंड के छोटे बड़े चुनाव के दौरान झारखंड सरकार गिराने के भाषण देते रहे हैं और कई बार सरकार गिराने की साजिश उजागर भी किया गया है बावजूद इसके मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड का जो विकास किया है उनसे भाजपा डर रही है और यही कारण है कि झारखंड के कई लोग “एक आदिवासी की बुलंद आवाज से भाजपा बदरवास हो गई ” कह रहे हैं।
भाजपा सड़क से लेकर संसद तक हेमंत सोरेन सरकार के नेतृत्व वाली सरकार का विरोध करते आ रही है और अपने तमाम प्रयासों से सरकार गिराने के बात कर रहे हैं. अपने नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं से वे सरकार में मजबूती से बने हुए हैं और अपने कार योजना से लोगों को प्रभावित कर रहे हैं अब देखना है झारखंड के राजनीति किस ओर करवट लेती है।

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