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Hemant Soren Deori Temple
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Hemant Soren Deori Temple : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन संग माँ दिउड़ी मंदिर में की पूजा, झारखंडवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

Megha Sinha
Hemant Soren Deori Temple
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Hemant Soren Deori Temple : तमाड़ स्थित प्राचीन शक्तिपीठ माँ दिउड़ी मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया विशेष पूजन, बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु और ग्रामीण

Hemant Soren Deori Temple : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपनी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ तमाड़ स्थित प्रसिद्ध माँ दिउड़ी मंदिर पहुंचे। उन्होंने माता रानी की पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने झारखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को राज्य की पहचान बताते हुए माँ दिउड़ी मंदिर को आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।

Hemant Soren Deori Temple : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन संग माँ दिउड़ी मंदिर में की पूजा, झारखंडवासियों की सुख-समृद्धि की कामना 1

रांची/तमाड़। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शनिवार को अपनी धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ तमाड़ स्थित प्राचीन शक्तिपीठ सोलहभुजी माँ दिउड़ी मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार माता रानी की पूजा-अर्चना की और राज्य के सभी नागरिकों की सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली तथा उन्नति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने माँ दिउड़ी के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया और राज्य की प्रगति, सामाजिक सौहार्द तथा जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की। उनके साथ विधायक कल्पना सोरेन भी पूजा-अर्चना में शामिल रहीं।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ विशेष पूजन

मंदिर में पूजा-अर्चना का कार्यक्रम धार्मिक परंपराओं के अनुरूप सम्पन्न कराया गया। पूजन कार्य धार्मिक पुरोहित मनोज पंडा एवं मुख्य पाहन सुखराम जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री एवं उनकी पत्नी ने माता रानी के समक्ष श्रद्धा व्यक्त करते हुए राज्य की खुशहाली और विकास के लिए आशीर्वाद मांगा।

मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पूजा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री के आगमन से मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर पहुंच गए। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में मुख्यमंत्री को अपने बीच देखने का विशेष उत्साह दिखाई दिया।

कई लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। स्थानीय लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री का धार्मिक स्थलों पर पहुंचना और जनता के बीच रहना राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का संदेश देता है।

Hemant Soren Deori Temple : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन संग माँ दिउड़ी मंदिर में की पूजा, झारखंडवासियों की सुख-समृद्धि की कामना 2

झारखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान : हेमन्त सोरेन

माँ दिउड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत राज्य की पहचान है। उन्होंने कहा कि माँ दिउड़ी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंदिर के परिसर में प्रवेश करते ही सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। यहां आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और आत्मिक संतोष प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार झारखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

माँ दिउड़ी मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता

तमाड़ स्थित माँ दिउड़ी मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। सोलहभुजी माँ दिउड़ी के इस मंदिर में राज्य ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है।

मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है और विशेष अवसरों पर यहां भव्य धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार माँ दिउड़ी के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जिसके कारण इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन का यह दौरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक विरासत के प्रति सम्मान का भी संदेश देता है।