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Jharkhand BJP: बीजेपी नेता कि गोली मारकर हत्या, नक्सलियों के निशाने पर थे भाजपा नेता जीतराम मुंडा

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Jharkhand BJP: बीजेपी नेता कि गोली मारकर हत्या, नक्सलियों के निशाने पर थे भाजपा नेता जीतराम मुंडा 1

Jharkhand BJP: झारखंड की राजधानी रांची में भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष जीतराम मुंडा की बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई. भाजपा नेता की हत्या की खबर सुनकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा मेदांता अस्पताल पहुंचे. भाजपा नेता जीतराम मुंडा अर्जुन मुंडा के करीबी माने जाते थे अर्जुन मुंडा ने वहां मौजूद लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली और घायल राज किशोर साहू से भी हत्यारों के बारे में जानकारी प्राप्त की है.

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अर्जुन मुंडा के अलावा भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री धनपाल सिंह, प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर, रांची ग्रामीण के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र महतो, खिजरी के पूर्व विधायक रामकुमार पाहन के अलावा पूर्व सांसद रामटहल चौधरी आदि मेदांता अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली.

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के रांची जिला अध्यक्ष जीतराम मुंडा ने हथियार का  लाइसेंस बनाने के लिए डीसी कार्यालय में आवेदन दिया था लेकिन उसका लाइसेंस का आवेदन स्वीकृत नहीं किया गया. भाजपा नेताओ का कहना है कि अगर जीतराम मुंडा का लाइसेंस का आवेदन स्वीकृत कर लिया गया होता तो घटना के समय जीतराम मुंडा अपना बचाव कर सकते थे.

नक्सलियों के निशाने पर थे भाजपा नेता जीतराम मुंडा:

भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा की जिला अध्यक्ष जीतराम मुंडा के बारे में ओरमांझी के लोग बताते हैं कि उनका नक्सलियों से दुश्मनी था. नक्सलियों को शक था कि भाजपा नेता उनकी जानकारी पुलिस को देते हैं इसे लेकर भाजपा नेता अलर्ट रहते थे. 4 साल पहले जीतराम मुंडा पर ओरमांझी में ही गोली चलाई गई थी खुशकिस्मती से गोली जीतराम मुंडा को नहीं लगी थी गोली पिस्टल में फस गई थी गोली मिस हो जाने से जीतराम मुंडा उस वक्त बच गए थे. गोलीकांड को लेकर ओरमांझी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी और उसके बाद गोली चलाने वाले को जेल भेजा गया था. आरोपी मनोज मुंडा ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी इस मामले में वह जेल गया था मनोज मुंडा को शक था कि जीतराम ने ही इस मामले में मुखबिरी करके उसे पकड़ आया है. तब से वह जीतराम से दुश्मनी मानने लगा था और उसे मारने की फिराक में था लेकिन जब उसने गोली चलाई तो फायर मिस हो गया और जीतराम मुंडा बच गए थे.