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JMM ने BJP पर लगाया विधायकों को जबरन क्वारंटाइन करने का आरोप, कहा भाजपा में हाहाकार मची है

अगले दो दिनों में झारखंड के दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान होना है. झामुमो की तरफ से पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन मैदान में है तो भाजपा की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और कांग्रेस की तरफ से शहज़ादा अनवर मैदान में है. झामुमो के प्रत्याशी शिबू सोरेन की जीत तय मानी जा रही है तो वही दूसरी सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है.

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झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस नोट जारी कर भाजपा पर एनडीए के विधायकों को जबरन क्वारंटाइन करने का आरोप लगाया है.

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सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा की भाजपा में हाहाकार मचा हुआ है. इसलिए राज्य सभा चुनाव के पूर्व विधायकों को सामूहिक क्वारंटाइन का बहान बना कर रखा गया है. आगे उन्होंने कहा की भाजपा को बताना चाहिए की उनके दो राष्ट्रीय नेता ओम प्रकाश माथुर और अरुण सिंह आखिर किस परिस्थिति में चार्टेट विमान से दिल्ली से रांची आये है.

एनडीए की बैठक पर तंज कस्ते हुए भट्टाचार्य ने कहा की एनडीए की बैठक बुलाना बिल्कुल हास्यास्पद है. क्यूंकि आजसू पार्टी भाजपा से अलग होकर विगत विधानसभा चुनाव लड़ी, साथ ही बाबूलाल मरांडी भी भाजपा के खिलाफ ही चुनाव लड़ कर विधानसभा पहुंचे है और भाजपा के नेता रहे सरयू राय भी पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ ही चुनाव लड़ कर विधानसभा पहुंचे है.

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विधायकों को सरला-बिड़ला में क्वारंटाइन किया गया है. जिसपर झामुमो ने कहा की भाजपा ने शिक्षण संस्था को भी राजनीती का अड्डा बना दिया है. विश्वविद्यालय के माध्यम से कौशल विकास विभाग का निर्माण कर करोड़ो की चपत लगा भाजपा के लिए शरणार्थी स्थल का निर्माण कराया गया है.

झामुमो ने बाबूलाल को आड़ेहाथों लेते हुए कहा की भाजपा में नेतृत्व क्षमता की कमी है. कई ऐसे विधायक है जो आलाकमान से नाराज है. उनका कहा है की कोई बाहर से आ कर कोई विधायक दल का नेता बानने पर उतारू है इस बात को लेकर कई विधायक नाराज है. भाजपा के अधिकतर विधायक व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व के खिलाफ जा कर यूपीए प्रत्याशी शिबू सोरेन और कांग्रेस प्रत्याशी शहज़ादा अनवर के पक्ष में वोट कर केंद्रीय नेतृत्व को ये सन्देश देना चाहते है की संगठन में आपसी मतभेद है. और जो बाहर से आ कर विधायक दल का नेता बनने पर उतारू है उसे बर्खास्त करे.

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निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग:

झामुमो ने निर्वाचन आयोग से मांग की है की जल्द हस्तक्षेप कर विधायकों को मुक्त कराया जाए ताकि विधायक स्वत्रन्त्र रूप से राज्यसभा चुनाव में बिना किसी दबाव के वोट कर सके. झामुमो ने भाजपा पर विधायकों को आर्थिक प्रलोभन देने का भी आरोप लगाया है.

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