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Koderma News : मॉडर्न पब्लिक स्कूल में ‘RESIST’ अभियान के तहत नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों ने दिया नशामुक्त समाज का संदेश

Megha Sinha

Koderma News : झुमरी तिलैया के मॉडर्न पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने पोस्टर, नारा लेखन और शपथ के माध्यम से नशा उन्मूलन का संदेश दिया, शिक्षकों ने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की।

Koderma News : झारखंड सरकार के RESIST अभियान के तहत झुमरी तिलैया स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में नशा उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्रों ने पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिता के माध्यम से नशामुक्त समाज का संदेश दिया तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया।

झुमरी तिलैया, 24 जून 2026। झारखंड सरकार द्वारा राज्यभर में संचालित किए जा रहे ‘RESIST’ (Reducing Substance Ingestion and Stopping Trafficking) अभियान तथा “नशे को ना, जिंदगी को हां” जन-जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को मॉडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन, गांजा और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

पोस्टर प्रदर्शन के जरिए दिया गया जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक और रंग-बिरंगे पोस्टरों की प्रदर्शनी से हुई। छात्रों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया। “नशा विनाश का द्वार है”, “नशे से दूरी, जीवन में खुशहाली” और “स्वस्थ युवा, विकसित राष्ट्र” जैसे संदेशों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

पोस्टरों में यह दर्शाया गया कि किस प्रकार नशा व्यक्ति के जीवन को बर्बादी की ओर ले जाता है और कैसे जागरूकता तथा आत्मसंयम के माध्यम से इससे बचा जा सकता है। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सामाजिक सरोकार की भावना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।

नारा लेखन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत नारा लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशा मुक्ति से जुड़े प्रेरणादायक और प्रभावशाली नारे लिखे।

“जिंदगी से नाता जोड़ो, नशे को जड़ से छोड़ो”, “नशा छोड़ो, भविष्य संवारो”, “नशा नहीं शिक्षा अपनाओ” और “नशे से दूर रहेंगे, सपनों को पूरा करेंगे” जैसे नारों ने सभी को प्रभावित किया। इन नारों के माध्यम से छात्रों ने समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं और उन्हें समाज के प्रति जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती हैं।

प्रधानाचार्य जी सी वर्मा ने नशे को बताया भविष्य का सबसे बड़ा दुश्मन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य जी सी वर्मा ने छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा, “नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार और समाज को तोड़ देता है। यह हमारे सपनों और भविष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। विकसित झारखंड का सपना तभी साकार होगा जब हमारी युवा पीढ़ी नशे से पूरी तरह दूर रहेगी।”

प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने तथा गलत संगत से बचने की सलाह दी। उन्होंने मंच से सभी छात्रों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार को नशा न करने और दूसरों को भी नशे से दूर रखने की सामूहिक शपथ दिलाई।

निर्देशिका संगीता शर्मा ने परिवार की भूमिका पर दिया जोर

विद्यालय की निर्देशिका संगीता शर्मा ने अपने संबोधन में नशे की रोकथाम में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घर बच्चों की पहली पाठशाला है और माता-पिता को बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “नशे की रोकथाम के लिए घर सबसे पहली पाठशाला है। माता-पिता बच्चों के दोस्त बनें, उनकी समस्याओं और भावनाओं को समझें। डांट-फटकार से नहीं बल्कि संवाद और विश्वास से समस्याओं का समाधान संभव है।”

उन्होंने RESIST अभियान को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि केवल जागरूकता कार्यक्रम ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नशे की चपेट में आ चुके लोगों के लिए काउंसलिंग और पुनर्वास केंद्रों की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “नशे को ना, जिंदगी को हां” केवल एक नारा नहीं बल्कि समाज का संस्कार बनना चाहिए।

विद्यार्थियों ने रखे अपने विचार

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रों ने कहा कि नशा युवाओं के सपनों और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की।

छात्रों ने यह भी कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे के प्रति जागरूक करे, तो समाज को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।

नशामुक्त झारखंड के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार के सदस्यों ने नशामुक्त झारखंड बनाने का संकल्प दोहराया। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक युवा ही राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक संदीप सिन्हा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज को सकारात्मक दिशा देने का संदेश दिया।