Koderma News : अल-इम्दाद ट्रस्ट एवं नौजवान छतरबर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार रात 24 जून 8 मुहर्रम-उल-हराम के अवसर पर छतरबर के मिल्लत नगर में “शोहदाए इस्लाम व इस्लाहे मुआशरा” विषय पर एक भव्य अजीमुश्शान जलसा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए उलेमा-ए-किराम, शोअरा-ए-इज़ाम एवं समाजसेवियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना कमरूद्दीन ने की, जबकि संचालन (निजामत) की जिम्मेदारी मौलाना उमर ने निभाई। जलसे की शुरुआत कारी सलमान साहब की तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जबकि समापन मौलाना कमीनुद्दीन साहब के बयान और सामूहिक दुआ के साथ हुआ।
जलसे को संबोधित करते हुए उलेमा-ए-किराम ने शोहदाए इस्लाम, विशेष रूप से शोहदाए करबला की महान कुर्बानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (रज़ि.) और उनके साथियों ने दीन-ए-इस्लाम की रक्षा के लिए जो महान बलिदान दिया, वह पूरी इंसानियत के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
वक्ताओं ने समाज में फैल रही बुराइयों, बेदअत और गैर-इस्लामी रस्मों से बचने की अपील करते हुए लोगों से कुरआन और सुन्नत की शिक्षाओं पर अमल करने तथा अपने ईमान की हिफाजत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर और आदर्श समाज के निर्माण के लिए इस्लामी शिक्षाओं का पालन अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर अल-इम्दाद ट्रस्ट की ओर से घोषणा की गई कि जल्द ही क्षेत्र की बच्चियों के लिए निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत की जाएगी, जहां उन्हें मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुफ्ती मुनीर साहब, मुफ्ती अरशद साहब, कारी कबीरउद्दीन, मुफ्ती आज़म, कारी जियाउल्लाह, हाफिज़ अख्तर,मौलाना तारिक, शायर इमरान नज़ीर, उजैर प्रतापगढ़ी, मौलाना खुर्शीद सहित कई उलेमा-ए-किराम, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं अल-इम्दाद ट्रस्ट एवं नौजवान छतरबर के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मौके पर उपस्थित लोगों ने जलसे को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया।
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