Koderma News : जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में लोडेड पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस बरामद, आरोपी के खिलाफ बीएनएस, रेलवे एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
Koderma News : कोडरमा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ ने हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस में यात्रियों को पिस्टल दिखाकर धमकाने वाले युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से लोडेड पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस में यात्रियों को पिस्टल दिखाकर डराने-धमकाने वाले एक युवक को जीआरपी (Government Railway Police) और आरपीएफ (Railway Protection Force) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से एक लोडेड पिस्टल और कुल 24 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। समय रहते की गई इस कार्रवाई से ट्रेन में किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।
यात्रियों की सूचना पर हरकत में आई पुलिस
जानकारी के अनुसार हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12874) में यात्रा कर रहे कुछ यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी को सूचना दी कि एक युवक शराब के नशे में धुत होकर यात्रियों को पिस्टल दिखाकर धमका रहा है। उसकी हरकतों से ट्रेन में सवार यात्रियों में भय और दहशत का माहौल बन गया था।
सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की। ट्रेन के कोडरमा रेलवे स्टेशन पहुंचते ही सुरक्षा बलों ने आरोपी को ट्रेन से नीचे उतारा और हिरासत में लेकर उसकी तलाशी शुरू की।
तलाशी में मिला लोडेड पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस
पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिस्टल बरामद हुई, जिसकी मैगजीन में छह जिंदा कारतूस लोड थे। इसके अलावा उसके बैग में रखे एक पाउच से 18 अतिरिक्त जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। इस तरह आरोपी के पास से कुल 24 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
हथियार और भारी संख्या में कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया और हथियार को जब्त कर लिया। बरामद हथियार के वैध लाइसेंस और उससे जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
आरोपी उत्तर प्रदेश का रहने वाला
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान 32 वर्षीय दिवाकर सिंह के रूप में बताई। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रायपुर गांव का निवासी है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह प्रयागराज से रांची जा रहा था और सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्य करता है।
हालांकि पुलिस फिलहाल उसके इस दावे की भी जांच कर रही है कि वह सुरक्षा गार्ड है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके पास मौजूद हथियार और कारतूस वैध हैं या नहीं तथा वह इन्हें लेकर यात्रा क्यों कर रहा था।
पुलिसकर्मियों से की धक्का-मुक्की
जीआरपी के अनुसार गिरफ्तार किए जाने के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने की भी कोशिश की। हालांकि सुरक्षा बलों ने उसे तुरंत काबू में कर लिया। इस दौरान किसी पुलिसकर्मी या यात्री को कोई चोट नहीं आई।
पुलिस ने आरोपी के इस व्यवहार को भी गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), रेलवे एक्ट तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि जांच में कोई और तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
समय रहते टला बड़ा हादसा
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते यात्रियों ने सूचना नहीं दी होती और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई नहीं की होती, तो ट्रेन में कोई अप्रिय घटना घट सकती थी। आरोपी शराब के नशे में था और हथियार लहराकर यात्रियों को डरा रहा था, जिससे किसी भी समय स्थिति गंभीर हो सकती थी।
यात्रियों की सतर्कता और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि समय पर दी गई सूचना कई बड़ी घटनाओं को रोक सकती है।
जांच के केंद्र में कई सवाल
फिलहाल पुलिस कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी हथियार और इतनी बड़ी संख्या में कारतूस लेकर ट्रेन में यात्रा क्यों कर रहा था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि हथियार का लाइसेंस वैध है या नहीं, आरोपी वास्तव में सुरक्षा गार्ड है या नहीं, और उसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध तो नहीं है।
रेलवे सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के यात्रा संबंधी विवरण, उसके मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा।
रेलवे सुरक्षा पर विशेष नजर
इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त करने के संकेत दिए हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस सामान या आपत्तिजनक गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139, जीआरपी या आरपीएफ को सूचना दें।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं। समय पर मिली सूचना और संयुक्त कार्रवाई की वजह से इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया तथा किसी भी अप्रिय घटना को होने से पहले ही रोक दिया गया।
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