Koderma: कोडरमा जिले ढाब थाना क्षेत्र के ग्राम गोरियाडीह जंगल में कीमती ग्रीन पत्थर के कथित अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश रजक ने इस संबंध में कोडरमा उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रकाश रजक ने ज्ञापन में कहा है कि स्थानीय ग्रामीणों और विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिल रही है कि क्षेत्र में कुछ कथित माफियाओं द्वारा दोबारा अवैध उत्खनन की गतिविधियां शुरू की गई हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बनने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन को लेकर पुलिस और स्थानीय मजदूरों के बीच विवाद एवं झड़प की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस दौरान कई गरीब मजदूरों के जेल जाने का भी उल्लेख ज्ञापन में किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि अवैध उत्खनन फिर शुरू होने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो सकती है।

जंगल और पर्यावरण को नुकसान की आशंका
ज्ञापन में अवैध खनन से जंगल और पर्यावरण को होने वाले संभावित नुकसान पर भी चिंता जताई गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि अनियंत्रित उत्खनन से पेड़-पौधों, मिट्टी, प्राकृतिक भू-आकृति, जलस्रोतों और जैव-विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने खनन से बनने वाले बड़े गड्ढों के कारण ग्रामीणों, मजदूरों और मवेशियों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ने तथा अवैध परिवहन से ग्रामीण सड़कों को नुकसान और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होने की आशंका भी जताई।

गरीब मजदूरों को कथित तौर पर लगाया जा रहा काम में
प्रकाश रजक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग स्थानीय गरीब मजदूरों को आर्थिक लालच देकर कथित अवैध उत्खनन के काम में लगा रहे हैं। इससे गरीब मजदूर कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं, जबकि अवैध कारोबार से वास्तविक लाभ कमाने वाले लोग पर्दे के पीछे रह सकते हैं।
उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों की अपेक्षित सक्रियता नहीं होने की बात कहते हुए मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की।
संयुक्त टीम से जांच कराने की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उपायुक्त से प्रशासन, पुलिस, वन और खनन विभाग की संयुक्त टीम भेजकर गोरियाडीह जंगल क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो उसे तत्काल बंद कराया जाए तथा खनन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों और उपकरणों की जांच की जाए।
इसके अलावा अवैध उत्खनन, परिवहन और कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई, पर्यावरणीय क्षति का आकलन, सरकारी राजस्व के नुकसान की भरपाई तथा क्षेत्र में भविष्य में अवैध खनन रोकने के लिए नियमित निगरानी की मांग की गई है।
प्रकाश रजक ने कहा कि यह मामला केवल अवैध खनन का नहीं, बल्कि वन, पर्यावरण, प्राकृतिक संपदा, सरकारी राजस्व और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई है।









