
Koderma: झुमरी तिलैया स्थित पूर्णिमा टॉकिज परिसर में आयोजित तीन दिवसीय “आकांक्षा हाट 2025” का समापन समारोह उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह के अवसर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्टॉल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की विशेष कलाकृति प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इससे युवा प्रतिभाओं को नई प्रेरणा मिली।
“हुनर की छाप” नामक विशेष आयोजन में आगंतुकों ने अपने हाथों की छाप छोड़कर आयोजन में अपनी भागीदारी दर्ज की। इस कार्यक्रम में स्थानीय हस्तशिल्पकारों की अद्भुत कलाकृतियाँ, छात्र-छात्राओं की रचनात्मक चित्रकारी, “फोकल फॉर लोकल” थीम पर आधारित नुक्कड़ नाटक एवं गीत-नृत्य प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं, जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य किया।
आकांक्षा हाट के माध्यम से कोडरमा जिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच मिला, जिसने लोक कला, स्थानीय व्यंजनों और हस्तशिल्प के विविध आयामों को जीवंत कर दिया। स्थानीय व्यंजनों के स्वादिष्ट नमूनों ने भी आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समापन संध्या पर लोक एवं शास्त्रीय नृत्य की भव्य प्रस्तुतियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
“आकांक्षा हाट 2025” ने न केवल हुनरमंद कलाकारों और कारीगरों को मंच दिया, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
