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मंत्री जगरनाथ महतो ने दी मंजूरी, नपेंगे 144 शिक्षक सहित 200 इंजीनियर, जानिए ऐसा क्यों हो रहा है

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झारखण्ड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो इन दिनों काफी सुर्ख़ियो में है. ऐसा इसलिए क्यूंकि वो निर्णय ले रहे है वो उनके कार्यकाल का सबसे बड़ा फैसला भी साबित हो सकता है.

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दरअसल मामला धनबाद के डीईओ रहे बांके बिहारी से जुड़ा हुआ है. कुछ दिनों पहले ही 6 साल पुराने चापाकल घोटाले मामले में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने संज्ञान लिया था जिसके बाद विभागीय जाँच हुई और बांके बिहारी को दोषी पाया गया और उन्हें पद से मुक्त कर दिया गया. बांके बिहारी फ़िलहाल जामताड़ा में कार्यरत थे.

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डीईओ बांके बिहारी सिंह के निलंबन के बाद चापाकल घोटाले की गाज अब धनबाद के शिक्षकों पर गिरेगी। बांके बिहारी सिंह के धनबाद में पदस्थापन के दौरान वहां के जिन-जिन स्कूलों में चापाकल लगाए गए, उन सभी स्कूलों के हेडमास्टरों पर प्राथमिकी दर्ज होगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की हरी झंडी मिलने के बाद विशेष सचिव भीष्म कुमार ने यह आदेश जारी किया है।

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जारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2013-14 में धनबाद के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में चापाकल लगवाने में गंभीर अनियमितता बरती गई थी। सरकारी राशि की बंदरबांट हुई थी। बगैर टेंडर के ही 144 स्कूलों में चापाकल के लिए बोरिंग कराया गया था। स्कूलों में 200 फीट की जगह 100 फीट बोरिंग हुई, जबकि, भुगतान 200 फीट का किया गया। प्रत्येक स्कूल में 5500 रुपए से लेकर 24,000 रुपए तक अधिक का भुगतान किया गया था।

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144 शिक्षकों और इंजीनियरों समेत करीब 200 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होगी। दोषी इंजीनियरों को झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक चिह्नित करेंगे, जबकि दोषी शिक्षकों, गलत वाउचर बनाने वाले तथा आपूर्तिकर्ताओं की पहचान धनबाद के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी करेंगे। झारखंड शिक्षा परियोजना ड्राफ्ट बनाने में सहयोग करेगा। धनबाद डीपीओ को 15 मई तक एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। धनबाद के उपायुक्त को इन शिक्षकों के खिलाफ 30 मई तक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक को इस काम का मॉनिटरिंग करने की जिम्मेवारी मिली है। दोषी इंजीनियरों के खिलाफ जेईपीसी को 30 मई तक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

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