Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on email
Share on print
Share on whatsapp
Share on telegram

khabar ranchi ki5

भाजपा से बगावत कर जमशेदपुर पूर्वी से मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले मंत्री सरयू राय ने शुक्रवार काे राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफा सौंपने के बाद उन्होंने का कि पूरे राज्य में भाजपा 15 से ज्यादा सीट नहीं ले पाएगी। उन्होंने कहा कि कायदे से मुख्यमंत्री रघुवर दास को मुझे बर्खास्त कर देना चाहिए था।

नैतिकता के आधार पर मुझे मंत्री पद पर बने रहने का नहीं था अधिकार

इस्तीफा सौंपने के बाद सरयू राय ने कहा कि नैतिकता के आधार पर मुझे मंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं था क्योंकि मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ रहा था। इसलिए मैंने पिछले 17 नवंबर को ही फैक्स से राजभवन को त्यागपत्र भेजा था। किसी कारणवश वह राजभवन को नहीं मिला इसलिए मैं व्यक्तिगत रूप से राजभवन में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलने गया था और त्याग पत्र देने के साथ 17 नवंबर को फैक्स से भेजे गए त्याग पत्र की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कायदे से मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने की वजह से मुझे मुख्यमंत्री को चाहिए था कि वे मुझे बर्खास्त कर दें। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

Also Read: झारखंड में भूख से एक और मौत, चार साल से नवीकरण के लिए जमा था राशन कार्ड

पूरे राज्य में भाजपा की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा 15 से ज्यादा सीट राज्य में नहीं ला सकती है। स्थिति काफी खराब है। मुख्यमंत्री के खिलाफ जीत दर्ज करने के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि लोगों का कहना है कि वहां मेरे पक्ष में बेहतर वोटिंग हुई है लेकिन यह तो 23 दिसंबर को ही पता चल पाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, काेई भी मंत्री राजभवन में स्वयं उपस्थित हाेकर राज्यपाल काे मंत्री पद से इस्तीफा साैंप सकता है। इसके बाद राजभवन इस्तीफा पर विचार करता है। राज्य सरकार के मंतव्य के बाद ही राजभवन मंत्री का इस्तीफा मंजूर कर करता है। फैक्स से इस्तीफा पर विचार नहीं हाेता।

Leave a Reply