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NITI Aayog Meeting
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NITI Aayog Meeting: झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब और नॉलेज इकोनॉमी बनाने का संकल्प, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखी विकास की व्यापक रूपरेखा

Megha Sinha
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NITI Aayog Meeting : नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के खनिज संसाधनों को मानव पूंजी से जोड़ने पर दिया जोर, केंद्र से उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल क्षेत्र में सहयोग की मांग।

NITI Aayog Meeting : नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड को केवल खनिज उत्पादक राज्य नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब और नॉलेज इकोनॉमी के रूप में विकसित करने का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, कृषि, खेल और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्रों में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के समग्र विकास की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी जब उसे राज्य की मानव पूंजी, कौशल और नवाचार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि झारखंड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन और औद्योगिक विकास के साझेदार के रूप में देखा जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब, नॉलेज इकोनॉमी और रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित किए जाने की आवश्यकता है।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी निवेश पर जोर

मुख्यमंत्री ने बैठक में टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में बड़े निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि झारखंड में एआई आधारित मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के अनुरूप झारखंड को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता दोहराई और केंद्र सरकार से मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपेक्षा जताई।

आंगनबाड़ी और पोषण अभियान की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 15 हजार के पास अभी भवन नहीं हैं। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR कार्यक्रम के माध्यम से कुपोषण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य सरकार बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध करा रही है तथा अपने संसाधनों से 5 हजार नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कर रही है।

शिक्षा क्षेत्र में बढ़ी संभावनाएं

शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों का चयन अब IIT और मेडिकल संस्थानों में होने लगा है। राज्य सरकार 5 हजार उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।

उन्होंने पीएम श्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की तथा झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी केंद्र सरकार से किया।

कौशल विकास और रोजगार में नई पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ रही है। सारथी योजना के तहत अब तक 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

AI, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), ड्रोन तकनीक और सोलर ऊर्जा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा 53 हजार महिलाओं को भी आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान

स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 1276 दवा दुकानें संचालित हो रही हैं।

मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है, जिसे जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया। साथ ही AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की दिशा में भी कार्य जारी है।

खेल और कृषि में झारखंड की बढ़ती पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की मांग रखी।

कृषि क्षेत्र में उन्होंने बताया कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं तथा 1.5 लाख एकड़ क्षेत्र में फलदार पौधों का रोपण किया गया है। झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है, जो किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल रहा है।

डिजिटल गवर्नेंस और केंद्र से प्रमुख मांगें

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर विकसित कर रहा है। उन्होंने डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने तथा डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने, कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया भुगतान, DMFT मानकों में संशोधन, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के सरलीकरण और PPP मोड पर प्रस्तावित शेष दो मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी केंद्र सरकार के समक्ष रखीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड संसाधनों, प्रतिभा और संभावनाओं से समृद्ध राज्य है। यदि केंद्र और राज्य मिलकर कार्य करें तो झारखंड आने वाले वर्षों में देश के औद्योगिक, शैक्षणिक और खेल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।