Pulse Polio Campaign : कोडरमा में 28 से 30 जून तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, 1.56 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद, 908 बूथों पर विशेष व्यवस्था।
Pulse Polio Campaign : कोडरमा में पल्स पोलियो अभियान 2026 की शुरुआत उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने सदर अस्पताल में नवजात बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर की। 28 से 30 जून तक जिले के 1,56,732 बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोडरमा: जिले में पोलियो उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 28 से 30 जून 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ रविवार को सदर अस्पताल, कोडरमा में किया गया। अभियान का शुभारंभ उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने नवजात बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं चिकित्सकों की उपस्थिति में बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई तथा जिलेवासियों से अभियान को सफल बनाने की अपील की गई।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1,56,732 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा इस जीवनरक्षक अभियान से वंचित न रहे।
908 पोलियो बूथों पर होगी दवा पिलाने की व्यवस्था
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जानकारी दी कि 28 जून को जिलेभर में बनाए गए 908 पोलियो बूथों पर अधिकतम संख्या में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इन बूथों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी सेविकाएं तथा सहायिकाएं तैनात रहेंगी, ताकि बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दवा दी जा सके।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले दिन अधिक से अधिक अभिभावकों से अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ तक लाने की अपील की गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया है।
29 और 30 जून को घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
जिला प्रशासन ने अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। उपायुक्त ने बताया कि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश पहले दिन बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रत्येक बच्चे तक पहुंचने का प्रयास करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने अभिभावकों से की विशेष अपील
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाना केवल प्रशासन की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सभी अभिभावक अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। साथ ही अपने आसपास रहने वाले लोगों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी इस अभियान के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि—
“पोलियो मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बच्चे को पहले भी कई बार पोलियो की दवा पिलाई जा चुकी है, तब भी प्रत्येक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान उसे दो बूंद दवा अवश्य पिलानी चाहिए, क्योंकि यह बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने पूरी कर ली हैं सभी तैयारियां
जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की सफलता के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है तथा पर्याप्त मात्रा में पोलियो वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा बूथों पर दवा वितरण, बच्चों के पंजीकरण, निगरानी और रिपोर्टिंग की भी विशेष व्यवस्था की गई है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी विशेष टीमों को तैनात किया गया है ताकि वहां रहने वाले बच्चों तक भी समय पर पोलियो की खुराक पहुंचाई जा सके।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है पल्स पोलियो
पल्स पोलियो अभियान भारत सरकार के सबसे सफल जनस्वास्थ्य अभियानों में से एक माना जाता है। इस अभियान के माध्यम से देश को पोलियो मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पोलियो वायरस के दोबारा फैलने की किसी भी संभावना को रोकने के लिए प्रत्येक अभियान में सभी पात्र बच्चों को पोलियो की खुराक देना अत्यंत आवश्यक है।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कोडरमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता के साथ अभियान को संचालित कर रहा है।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे उपस्थित
सदर अस्पताल में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक महेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
जागरूकता ही अभियान की सफलता की कुंजी
विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका नियमित टीकाकरण और पल्स पोलियो अभियान में भागीदारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
यदि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दवा पिलाएगा, तो आने वाली पीढ़ियां इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रह सकेंगी। यही इस अभियान का मूल उद्देश्य भी है।
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