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रघुवर राज में बड़े ठेके लेने वाले रामकृपाल कंस्ट्रक्शन का नक्सलियों से कनेक्शन, नक्सलियों को फंडिंग करने का खुलासा

News Desk

हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठा रहे है. कुछ दिनों पहले ही रामकृपाल कंस्ट्रक्शन के जाँच की अनुमति NIA को देने के बाद धनबाद नगर निगम में हुए 200 करोड़ के घोटालों की जाँच का जिम्मा ACB को सौपा साथ ही अन्य भ्रष्टाचार के मामले में भी उन्होंने जाँच के आदेश दिए है.

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रामकृपाल कंस्ट्रक्शन पर NIA का छापा पड़ने के बाद ये खुलासा हुआ है की रामकृपाल कंस्ट्रक्शन और नक्सलियों के बिच सम्बन्ध थे. NIA द्वारा किये गए खुलासे के मुताबिक रघुवर सरकार में बड़े-बड़े ठेके लेने वाली रामकृपाल कंस्ट्रक्शन नक्सलियों को फंडिंग करता था.

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NIA खुलासा करते हुए कहा है की गिरिडीह में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन को करोड़ों के सड़क निर्माण का काम मिला था. कंपनी ने सड़क निर्माण का काम करने के लिए नक्सलियों को बड़ी फंडिंग की थी. मंगलवार शाम को एनआईए ने रांची में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन के तीन ठिकानों पर छापा मारा था. इस दौरान कई फाइलें और कम्प्यूटर हार्डडिस्क जब्त किये थे.

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एनआईए के द्वारा बताया गया कि पिछले दिनों गिरिडीह से मनोज कुमार नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से 6 लाख रुपये और कई दस्तावेज बरामद हुए थे. मनोज ने पूछताछ में बताया कि उसने नक्सली कमांडर कृष्णा हांसदा के निर्देश पर ठेकेदारों से लेवी वसूल की. गहराई से पूछताछ करने पर पता चला की मनोज रामकृपाल कंस्ट्रक्शन का कर्मचारी है और वो कंपनी एंव नक्सलियों के बीच मध्यस्थता का काम करता था.

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गिरिडीह में जब मनोज की गिरफ्तारी हुई थी तब उसके पास से जब्त 6 लाख रुपये वह बतौर लेवी नक्सलियों को ही देने जा रहा था. एनआईए ने खुलासा करते हुए कहा कंपनी के द्वारा दिये गये पैसों को इस्तेमाल नक्सलियों ने हथियार और गोला-बारूद खरीदने और नये कैडरों की भर्ती के लिए किया।

रामकृपाल कंस्ट्रक्शन झारखंड के बड़े ठेकेदारों में शुमार है. कंपनी ने नई झारखंड विधानसभा, नये हाईकोर्ट भवन जैसे कई बड़े प्रोजेक्टर राज्य में किये हैं. कंपनी के सियासी लिंक को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं.

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