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RTI कार्यकर्त्ता की गिरफ़्तारी की रची गयी साजिश, मुख्य आरोपी शहजाद अब भी पुलिस के गिरफ्त से दूर

Shah Ahmad

फिल्म उड़ता पंजाब में ड्रग्स के नशे में डूबी दुनिया को पर्दे पर उतारा गया है इसमें दिखाया गया है कि नशे के चंगुल में फंस कर किस तरह युवा बर्बादी के कगार पर पहुंच रहे हैं। इस तरह का नशा करने की वजह से युवाओं की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। वहीं इस नशे के आदि होने के बाद से क्षेत्र में क्राईम भी बढ़ते जा रहे है।

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नशे से जुड़े मामलें में हजारीबाग के लोहसिंघना थाना क्षेत्र से RTI एक्टिविस्ट राजेश मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जबकि प्रशाशन ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये बताया है कि राजेश मिश्रा निर्दोष है उन पर किसी तरह की नशीली पदार्थ के तस्करी का कोई आरोप सिद्ध नहीं होता है उन्हें फ़साने की साजिस रची गयी थी। उनकी गाड़ी के डिक्की में ड्रग्स किसी ने जानबूझकर रखा था। अब इस मामलें में प्रशाशन द्वारा तवरित करवाई करते हुए अभियुक्त आदित्य कुमार सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है हालांकि आदित्य कुमार सोनी का मुख्य पार्टनर शहजाद खान है जिसका हजारीबाग ही नहीं पूरे झारखंड में नशे की तस्करी करने का और हमारे युवाओं को बर्बाद करने में सबसे बड़ा हाथ है. साथ ही जानकारी के लिए आपको बता दे कि ये वही लोग है जो जमीन माफियाओं के साथ भी मिले हुए है और गरीबो की जमीन को हड़पने का काम भी करते है. जमीन मामले में भी इनपर कई आरोप है.

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समाजसेवी राकेश कुमार दुबे द्वारा इस मामलें में लोहसिंघना थाना के थाना प्रभारी को एक महीना पूर्व ही सारी सूचनाएं पत्र द्वारा उपलब्ध करवाई गयी थी और अब उसी पत्र के आधार पर आदित्य कुमार सोनी को गिरफ्तार किया गया है. लेकिन आदित्य के साथ शहजाद खान का भी नाम पत्र में दर्शाया गया है. लेकिन राकेश कुमार दुबे द्वारा लोहसिंघना थाना प्रभारी को लिखे पत्र में शहजाद का नाम भी है और उसे ही RTI एक्टिविस्ट राजेश मिश्रा को फंसाने का मुख्य आरोपी माना जा रहा है लेकिन अब भी शहज़ाद बाहर घूम रहा है. यहां तक कि शहजाद के नाम से लोहसिंघना थाना में एफआईआर तक नहीं लिया जा रहा है, जबकि आपको बता दें शहजाद हजारीबाग ही नहीं पूरे झारखंड भर में नशे के कारोबार का मुखिया कहा जाता है और इस बात का प्रमाण प्रशासन के पास भी उपलब्ध है. लेकिन फिर भी उसपर किसी तरह का करवाई नहीं किया जाना बहुत ही अफ़सोस जनक बात है.

आखिर प्रशासन की ऐसी क्या मज़बूरी है या फिर कहे तो क्या मिलीभगत है की शहजाद के खिलाफ करवाई नहीं कर रही है और शहजाद जैसे नशे के कारोबारी जो कि एक दरिंदे से कम नहीं है जो युवाओं को नशे की ओर धकेल रहे है उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे है। ये वहीं युवा है जो कि हमारे देश का भविष्य है साथ ही इन युवाओं से कई और जिंदगियां भी जुड़ी है उनकी भी जिंदगियां इससे प्रभावित हो रही है। शहजाद जैसे अपराधि को जल्द से जल्द प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किया जाना चाहिए और साथ ही उसे ऐसी सजा दी जानी चाहिए जो कि दूसरे नशा के कारोबारियों के लिए एक उदहारण साबित हो और RTI एक्टिविस्ट राजेश मिश्रा जैसे समाजसेवी को जल्द से जल्द रिहा करना चाहिए।

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