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कोरोना के अफवाह में परिवार का हुआ सामाजिक बहिष्कार, CM सोरेन ने कहा अफवाह पर न दे ध्यान

News Desk

लॉकडाउन के बीच रामगढ़ जिले से एक बेहद ही चौकाने वाला मामला सामने आया है. लॉक डाउन में कोरोना वायरस के संक्रमण को ले फ़ैल रहे अफवाहों का बाजार गर्म है. झारखण्ड के रामगढ़ जिला में एक परिवार पिछले पांच दिनों से कथित तौर पर कोरोनोवायरस की अफवाह के कारण सामाजिक बहिष्कार की मार झेल रहा था. जिस परिवार का कोरोना के शक में सामाजिक बहिष्कार किया गया है उसने आरोप लगाया की उन्हें गांव के नलकूपों या कुओं से पानी का उपयोग करने की भी अनुमति नहीं है।

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इस मामले की जानकारी लोगो को तब लगी जब एक दो बच्चो का रोटा हुआ वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ. जिसके बाद राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन तक ये वीडियो पहुँच और उन्होंने संज्ञान लेते हुए रामगढ़ के उपायुक्त (डीसी) को तत्काल कार्रवाई करने और परिवार को राहत देने के लिए कहा गया. मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा की “सभी लोगों से मेरी अपील है कि अफवाहों का कोई सिर-पैर नहीं होता। इस महामारी में सामाजिक सहयोग से ही हम कोरोना वायरस और अफवाहों से लड़ सकते हैं। आपस मे दूरी बनाये रखें, मगर दिलों को जोड़े रखें।”

घटना रामगढ़ जिले के गोला पुलिस स्टेशन के तहत मुरुडीह गांव की है. दो बच्चों की मां गीता देवी ने कहा, “मैं झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) के तहत दीदी किचन में काम कर रही हूं और लॉकडाउन के इस दौर में गरीबों को खाना खिलाती हूं। पीडीएस राशन की कमी के कारण गाँव के कई परिवार पीड़ित थे, मैंने उन्हें राशन दिलाने में मदद भी की है. आगे उन्होंने कहा की 18 अप्रैल को, जब वह दीदी रसोई के माध्यम से गरीबों को भोजन परोस रही थी, तो कुछ ग्रामीणों ने आकर आरोप लगाया कि वह कोरोनावायरस से सकारात्मक है.

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गीता देवी ने कहा की जब मैंने उन लोगो से पूछा की मैं कैसे कोरोना से संक्रमित हूँ तो उनमे से एक ने कहा की आपके परिवार में कोई आया है जो कोरोना से संक्रमित है. इस बारे में मैंने उनसे कहा की मेरे परिवार में कोई भी बहार से नहीं आया है. गीता देवी ने कहा की मेरे पति का नाम ईश्वर कुमार महतो है जो एक मजदूर हैं। और लॉक डाउन की वजह से वो बेरोजगार है.

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गीता देवी ने कहा की आरोप लगने के अगले दिन जब में पानी भरने ले लिए गयी तो मुझे पानी लेने से मन कर दिया गया. पानी नहीं भर पाने के कारण उस दिन हमारे है में चूल्हा नहीं जल सका था. गाँव वालो की इस बात को गलत साबित करने के लिए 19 अप्रैल को कोरोनोवायरस की जांच के लिए परिवार के सभी लोग गोला गए। रिपोर्ट नकारात्मक आई, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने हमें 14 दिनों के लिए घर में रहने के लिए कहा

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गीता देवी ने आगे कहा की हमारी रिपोर्ट नेगेटिव आई है फिर भी हमें गाँव छोड़ने के लिए कहा जा रहा है. परिवार के लोगो द्वारा इस मामले में पुलिस से शिकायत की गयी है. जिसके बाद पुलिस ने मामले को सँभालते हुए उन्हें पानी भरने में किया साथ ही ऐसी घटना होने पर जानकारी देने को कहा गया है.

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