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राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कृषकों को स्वावलंबी बनाने के लिए कर रही कार्य – बादल पत्रलेख

Shah Ahmad
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राँची:- कृषि मंत्री बादल ने कहा कि राज्य सरकार कृषक हित के लिए 1 रुपये में राज्य के किसानों के ऋण को माफ करने का कार्य करने जा रही है। इस हेतु 2000 करोड रुपए का अनुदान राशि राज्य सरकार दे रही है। बादल ने कहा कि किसानों को स्वावलंबी बनाने हेतु राज्य सरकार कृत-संकल्पित है। कोविड-19 के कारण घर वापस आने वाले मजदूरों की सबसे अधिक उम्मीद कृषि से ही है और इस ओर राज्य सरकार नीति बनाकर कार्य भी कर रही है। बादल द्वारा आज राम कृष्ण मिशन,ऑडोटोरियम, मोरहाबादी, राँची में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम, राँची जिला अंतर्गत रबी संगोष्टी सह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन(दलहन/तेलहन) एवं पूर्वी भारत में हरित क्रांति विस्तार योजना अंतर्गत राँची के 100 कृषकों के बीच शत प्रतिशत अनुदान पर रबी बीज (गेहूँ, चना, सरसो एवं मसूर) वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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बादल ने कहा कि जो भी कृषक मित्र जागरूक होकर सरकार द्वारा दिए जा रहे योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं उन्हें राज्य सरकार द्वारा बिरसा कृषक के रूप में संबोधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषकों को जागरूक बनना होगा, सरकार द्वारा किए जा रहे योजनाओं के लाभ हेतु बिचौलियों के कार्य को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कृषकों से 2000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। कृषक राज्य सरकार को धान बेचेंगे उन्हें तत्काल उनके उत्पाद का 50% मूल्य अदा कर दिया जाएगा, साथ ही उनके द्वारा दिए गए धान की गुणवत्ता की जांच के उपरांत उनका सारा पैसा उनतक अविलंब ही पहुँचा दिया जाएगा। इससे कृषक जो अपना उत्पाद बिचौलियों के बीच बेचते हैं उनसे उन्हें मुक्ति मिल पाएगी। बादल ने कहा कि सरकार कृषि कैलेंडर बनाकर कार्य कर रही है। जिसमें 25 मई को बीज दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिससे कृषकों तक सही समय पर सरकार द्वारा दिए गए सभी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सब्जियों के निर्यात हेतु एमएसपी तैयार कर रही है। इसके साथ साथ कृषक उत्पादों हेतु बाजार की व्यवस्था भी की जा रही है। बादल ने चेंबर ऑफ कॉमर्स के तर्ज पर चेंबर ऑफ फार्मर्स के निर्माण की परिकल्पना को चरितार्थ करने की भी बात कही ।

कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि देश के विकास में कृषि एक महत्वपूर्ण अंग है। रोजगार एवं जीडीपी में कृषि एक बड़ा योगदान देता है। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक बनना होगा और उन्हें संबंधित लोगों से पूछना होगा कि उन तक समय से बीज क्यों नहीं पहुंचा, सब्सिडी क्यों नहीं मिली उन्हें सतर्क और जागरूक रहना होगा जिससे बिचौलिए उनके हिस्से का अनुदान न खाएं।

निदेशक, कृषि, निशा उरांव सिंहमारे के द्वारा विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं पे प्रकाश डाला गया । उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष के बारे में बताया. कहा कि इस योजना के तहत कृषकों को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज आदि हेतु सब्सिडी और लोन का प्रावधान किया गया है जिससे किसान अपने उत्पादों का रख-रखाव ठीक से कर सकें और उन्हें उचित मूल्य भी प्राप्त हो सके। निदेशक, कृषि बागवानी, वरुण रंजन ने कृषि में नए टेक्नोलॉजी एवं ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए कृषकों को जागरूक करने की बात कही।

कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन विशेष फसल योजना (तेलहन) अंतर्गत रबी में राँची जिला के अंतर्गत सरसों प्रत्यक्षण हेतु 10,750 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है जिसके लिए 450 क्विंटल बीज प्राप्त हुआ है इसका वितरण कार्य प्रारंभ है। वहीं चना प्रत्यक्षण हेतु 70 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है जिसके आलोक में चना बीच 52.50 क्विंटल प्राप्त है, गेहूं प्रत्यक्षण हेतु 365 हेक्टेयर के लिए 456.25 क्विंटल बीज, मसूर प्रत्यक्षण हेतु 380 हेक्टेयर के लिए 114 क्विंटल बीज प्राप्त है। इनका कृषकों के बीच निशुल्क वितरण किया जा रहा है।

कार्यक्रम में आये किसानों को कोविड-19 के खतरों से जागरूक एवं इसके बचाव हेतु जागरूक किया गया। उन्हें दो गज की दूरी, मास्क एवं हाथ धोने के लिए भी जानकारी दी गयी। इस अवसर पर राम कृष्ण मिसन के स्वामी जी, जिला एवं राज्य कृषि पदाधिकारी एवं राँची के विभिन्न प्रखण्डों के कृषि बंधु उपस्थित थे।

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