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कांग्रेस नेता अहमद पटेल का निधन, मंत्री न होकर भी मंत्रियों से पावरफुल थे

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कांग्रेस नेता अहमद पटेल का आज सुबह निधन हो गया है अहमद पटेल कुछ दिनों पूर्व कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे साथ ही उनकी तबीयत भी खराब थी उन्हें गुड़गांव के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था खबर की पुष्टि अहमद पटेल के बेटे फैजल ने की है.

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कांग्रेस पार्टी ने अहमद पटेल के रूप में अपना एक ऐसा योद्धा खो दिया है जो पर्दे के पीछे रहकर अपनी सियासी चालों से विरोधियों को ध्वस्त कर देते थे ऐसा कहा जाता है कि अहमद पटेल मंत्री ना होकर भी मंत्रियों से पावरफुल थे कांग्रेस में अहमद पटेल की पकड़ इतनी मजबूत थी कि वह इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी के कार्यकाल तक उनके राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव के रूप में भी अहमद पटेल काम कर चुके हैं

वर्ष 1977 में अहमद पटेल ने भरूच से लोकसभा का चुनाव जीता था उस समय 26 वर्ष के थे. उस वक्त अहमद पटेल सबसे युवा सांसद बने थे 1977 से लेकर 1989 तक अहमद पटेल लोकसभा सांसद के रूप में निर्वाचित हुए थे 1993 से लगातार राज्यसभा के सदस्य रहे जबकि 1977 से लेकर 1982 तक अहमद पटेल ने गुजरात की यूथ कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बन उसकी कमान संभाली इसके बाद 1983 में उन्हें ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी का संयुक्त सचिव चुना गया था 1985 में जनवरी से सितंबर तक वे तत्कालीन पीएम राजीव गांधी के संसदीय सचिव भी रहे थे इतना ही नहीं जनवरी 1986 में उन्हें गुजरात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी जबकि सितंबर 1985 से जनवरी 1986 तक कांग्रेस कमेटी के महासचिव पद पर रहे थे

ऐसा कहा जाता है कि जब नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने थे वह वर्ष 1991 था उस समय अहमद पटेल कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य बने थे 1996 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का कोषा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी जबकि साल 2000 में सोनिया गांधी के प्राइवेट सेक्रेटरी जॉर्ज से मनमुटाव होने के बाद अहमद पटेल को पद दिया गया था. मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे उस वक्त भी अहमद पटेल की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण देखी गई थी वर्ष 2001 में अहमद पटेल सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार बने हैं 2004 से लेकर 2009 के लोकसभा चुनाव में भी जीत दिलाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही थी अहमद पटेल मनमोहन सिंह सरकार में किसी भी मंत्री पद पर नहीं थे लेकिन सरकार के दौरान लिए गए फैसलों में निर्णायक भूमिका में थे

अहमद पटेल के निधन के बाद सोनिया गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि उन्होंने एक सहयोगी को खो दिया है जिसका पूरा जीवन कांग्रेस को समर्पित था मैं एक वफादार सहयोगी और एक दोस्त को खो चुकी हूं उनके शोक संतप्त परिवार के लिए संवेदना मेरे सहानुभूति उनके साथ हैं.

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