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किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच 2 फरवरी को होगी बातचीत, प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम Farmer Protest

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा लाए गए तीन नई कृषि कानूनों के विरोध में बीते 67 दिनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं. किसान लगातार यह मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार नए कानूनों को वापस ले परंतु सरकार कानूनों को वापस नहीं लेने पर अड़ी हुई है. जिसे लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच मतभेद जारी है.

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गतिरोध को कम करने के लिए केंद्र सरकार और किसानों के बीच अगले दौर की बातचीत 2 फरवरी को तय की गई है. दूसरी तरफ गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन का आज 65वां दिन है. पिछले दिनों बने हालात के बाद विरोध स्थल पर किसानों के आने की संख्या बढ़ गई है. जिसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं. किसानों के द्वारा लगातार कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की जा रही है. इस दौरान सार्वजनिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 29 जनवरी की रात 11:00 से 31 जनवरी की 11:00 बजे तक तीन सीमाओं और उसके आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थाई रूप से बंद कर दिया है. वहीं, दिल्ली पुलिस ने एहतियातन को ध्यान में रखते हुए NH-24 को बंद कर दिया है.

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शनिवार को हुए किसान संगठनों और नेताओं के बीच बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का निरंतर प्रयास कर रही है. यह बैठक डिजिटल माध्यम से हुई इसमें संसद के विभिन्न दलों के नेता मौजूद रहे. इस बैठक में पीएम ने कहा यह तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार ने जो प्रस्ताव दिया था वह आज भी बरकरार है. आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर प्रदर्शनकारी किसानों से सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर है और तोमर ने इस महीने की शुरुआत में किसान नेताओं को इस बात से अवगत भी कराया था.

मालूम हो कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन किसानों के द्वारा ट्रैक्टर रैली निकाली गई थी. ट्रैक्टर रैली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा के बाद सरकार और किसानों के बीच कृषि कानूनों का विरोध करते हुए तनाव बढ़ गया है. गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शनकारियों ने पहले से तय मार्ग का पालन नहीं किया और दिल्ली में प्रवेश करने के लिए बैरिकेट्स को तोड़ दिया. जिससे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के जवानों के साथ मारपीट भी की इसके अलावा कुछ प्रदर्शनकारियों ने लाल किले में घुसकर धार्मिक झंडा भी फहराया. 

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