आदिवासी नेता और विधायक छोटूभाई वसावा ने की “स्टेचू ऑफ यूनिटी” को हटाने की मांग

चीन-भारत सीमा की गलवान घाटी में भारत की 20 जवान शहीद हो गए थे जिसके बाद से चीनी सामनों का बहिष्कार करने की मुहीम तेज हो गई है.

भारत सरकार ने टिक-टोक के साथ 59 एप्प्स जो चाइना के कंपनियों द्वारा निर्मित भारत मे कार्यशील थी उन्हें भारत सरकार ने भारत में प्रतिबंध कर दी है। साथ ही भारतीयों ने चीन का पुरजोर विरोध किया हैं। इसके तत्पश्चात विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा “स्टेचू ऑफ यूनिटी” जो की चीन की कंपनी द्वारा निर्मित की गई है या यूँ कहे की मेड इन चाइना है को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया हैं।

गुजरात के भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक और आदिवासी नेता छोटू भाई वसावा का कहना है कि अगर मेड इन चाइना का विरोध हो रहा है तो स्टेचू ऑफ यूनिटी को भी हटा देना चाहिए । वही कांग्रेस ने भी मेड इन चाइना स्टेचू ऑफ यूनिटी पर सवाल उठाया हैं। गुजरात के आदिवासी इलाके छोटा उद्देपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट और सबसे ऊँची प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी को हटाने की मांग हो रही हैं। जिसके समर्थन में भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक छोटू भाई वसावा हैं।

दरअसल छोटू भाई वसावा ने चीन के राष्ट्रपति शी जिम्पिंग का विरोध करते हुए मेड इन चाइना की बनी हुई प्रतिमा “स्टेचू ऑफ यूनिटी” को हटाने की मांग की हैं। छोटू भाई वसावा ने आरोप लगाया है कि स्टेचू ऑफ यूनिटी के लिए सरकार आदिवासियों की जमीन छीन रही हैं। बात केवल यही खत्म नही हुई उनका ये भी कहना है कि बीजेपी यदि चीन के समान का विरोध कर रही है तो गुजरात मे बनी स्टेचू ऑफ यूनिटी को भी हटा देना चाहिए।

गौर करने की बात ये है कि पिछले लंबे समय से छोटुभाई वसावा छोटा उद्देपुर के पूरे इलाके में आदिवासियों के हक़ के लिए आंदोलन करते आए है और स्टेचू ऑफ यूनिटी के आस पास के इलाके में टूरिज़म डेवलपमेंट के लिए सरकार आदिवासियों की जमीन लेना चाहती है तो ये आंदोलनकारी नेता कैसे चुप रह सकते हैं। इसलिए इस बात को लेकर छोटू भाई वसावा पिछले कई महीने से सरकार के खिलाफ भी आंदोलन कर रहे हैं।

वही कोंग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कहा है कि मेड इन चाइना वाली इस ऊँची प्रतिमा से खुद सरदार पटेल भी खुश नही होंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ये प्रतिमा जब बन रही थी , तभी इसके मेड इन चाइना के होने पर बहुत विवाद हुआ था, और अब चीन के साथ खूनी संघर्ष में देश के 20 जवान शहीद हुए है जिसके बाद एक बार फिर चीन का विरोध करते हुए इस प्रतिमा को भी मेड इन चाइना बता कर इसे हटाने की मांग की जा रही हैं।

Report: Tabassum

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में CRPF की पेट्रोलिंग टीम पर आतंकी हमला, एक जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के सोपोर के मॉडल टाउन इलाके में आतंकवादियों ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की एक पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया है. इस हमले में सीआरपीएफ के एक जवान के शहीद होने की खबर है साथ ही एक सिविलियन की भी मौत हुई है. वहीं कई जवान घायल भी हैं.

जानकारी के मुताबिक दोनों तरफ से भारी गोलीबारी चल रही है. दो से तीन आतंकवादियों के इलाके में छुपे होने की खबर है. इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. इलाके की घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है.

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आज सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने मंगलवार सुबह दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिले के वाघमा में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था.

बता दें कि जम्मू कश्मीर में जारी आतंकी विरोधी अभियानों में इस साल अब तक सुरक्षाबलों ने 110 से अधिक आतंकियों को मार गिराया है. पिछले करीब बीस दिनों में सुरक्षाबलों ने करीब 36 आतंकियों को ढेर किया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि ये आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े थे. वे अब हताश हो कर निर्दोष लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं.

Alert: 1 जुलाई से बदलने जा रहा है ATM का ये बड़ा नियम, जानें- आप पर क्या होगा असर

एटीएम (ATM) से पैसे निकालने के नियम 1 जुलाई से बदलने जा रहा है। अब एक जुलाई से ATM से ज्यादा बार कैश निकालने पर आपके खाते से पैसा कट सकता है यानी आपको एक्ट्रा चार्जेज देने पड़ेंगें।

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दरअसल कोरोना संकट और इसकी वजह से लागू लागू किए गए लॉकडाउन के तत्काल बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एटीएम से ज्यादा बार पैसे निकालने पर लगने वाले चार्जेज को तीन महीने के लिए हटाने का ऐलान किया था। वित्त मंत्रालय ने यह फैसला इसलिए लिया गया था, ताकि कैश निकालने के लिए कम से कम संख्या में लोग बैंक शाखाओं में जायें।

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अब इस ऐलान का डेडलाइन आज खत्म होने जा रहा है। यह केवल अप्रैल, मई और जून तक ही जारी थी। इसे बढ़ाने को लेकर वित्त मंत्रालय या बैंकों की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। यानी अब आपको ये सुविधा कल से नहींं मिलेगा। इस छूट का आज आखिरी दिन है।

निर्मला सीतामरण द्वारा 24 मार्च को किए गए इस एलान के बाद ATM धारक किसी भी बैंक के ATM से 30 जून तक जितनी बार चाहे कैश निकाल सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना पड़ रहा है। वित्त मंत्रालय ने यह छूट अप्रैल, मई और जून महीने के लिए ही दी थी। यह राहत कल से खत्म होने की जा रही है। यानी 30 जून के बाद यह राहत आपको नहीं मिलेगी।

रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों में सफर के लिए शुरू की तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा, जानिए कैसे होगा टिकट बुक

कोरोना संकट के कारण यात्री ट्रेनों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. लेकिन कोरोना संकट के दौरान लोगो को घर पहुँचाने के लिए रेलवे ने पहले 15 और फिर 1 जून से 100 जाेड़ी स्पेशल ट्रेनाें ट्रेनों की शुरुआत की थी. इन स्पेशल ट्रेनों में अब तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू हो गयी है.

यात्री तत्काल टिकट के लिए पूर्व में निर्धारित समय (सुबह 10 से 11 तक एसी क्लास और 11 से 12 बजे तक स्लीपर क्लास) में रिजर्वेशन काउंटर अथवा आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर एक दिन पूर्व बुकिंग कराकर टिकट प्राप्त कर सकेंगे। बर्थ उपलब्ध हाेने की स्थिति में ट्रेन खुलने के पहले तक भी रिजर्वेशन प्राप्त किया जा सकता है। धनबाद स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से बुकिंग शुरू हो चूका है.

जुलाई माह में जिन ट्रेनाें काे स्पेशल बनाकर चालने की संभावना व्यक्त की जा रही है, उनमें धनबाद रेल मंडल से गंगा-दामाेदर, संगा-सतलज, एलेप्पी और काेलफील्ड एक्सप्रेस शामिल हैं। वैसे रेलवे ने 22 मार्च से बंद सभी नियमित ट्रेनाें का परिचालन 12 अगस्त तक रद्द कर दिया है।

हूल दिवस झारखंड के लिए गौरवशाली पल, लेकिन मुख्य उद्देश्य आज भी अधूरा, जानिए हूल दिवस का पूरा इतिहास

आदिवासी समाज में अब तक जितने भी जनक्रांति हुई है उनका मुख्य उद्देश्य जल, जंगल व जमीन की रक्षा से सीधा जुड़ा है. संताल हूल भारत से अंग्रेजों को भगाने के लिए प्रथम जनक्रांति थी या यूँ कहे की भारत में पहली स्वतंत्रता की आवाज़ कही से उठी तो वो हूल क्रांति ही थी.

30 जून 1855 में हूल क्रांति का आगाज हुआ. संताल परगना के भोगनाडीह में सिदो-कान्हू मुर्मू की अगुवाई में विशाल रैली हुई. अंग्रजो के खिलाफ हुई रैली से जल, जंगल व जमीन को छोड़ने के नारे की गूंज उठी. इसे संताल हूल व हूल क्रांति दिवस के नाम से जानते हैं.

हूल क्रांति का मूल उद्देश्य जल, जंगल व जमीन की रक्षा करना था. सिदो-कान्हू, चांद-भैरव समेत अनगिनत लोगों ने इसके रक्षार्थ अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन वर्तमान समय का जो परिदृश्य है. वह अब भी पहले के जैसा है. इसमें कोई खासा बदलाव देखने को नहीं मिला है.

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अभी भी आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश जारी है. घर से बेघर होने के भी कई मामले सामने आ चुके हैं. हूल क्रांति दिवस अभी भी लोगों में ऊर्जा भरने का काम करता है, लेकिन हूल क्रांति से सींचा हुआ कानून केवल फाइलों की शोभा बढ़ा रहा है. एसपीटी एक्ट को सही रूप में लागू करने की जरूरत है. ताकि आदिवासियों को उनका सही अधिकार मिल सके.

आज भी नहीं मिल पाई है सही पहचान:

1855 की इस जनक्रांति को पहले स्वतंत्रता संग्राम के तौर पर सही पहचान आज तक नहीं मिल पाई। देश तो दूर झारखंड के स्कूली पाठ्यक्रम में भी इसे सिर्फ आदिवासी विद्रोह ही पढ़ाया जाता है। मनमाना लगान न दे पाने वाले आदिवासियों की जमीन हड़पने वाले अंग्रेजों के स्थायी बंदोबस्त कानून के खिलाफ ये पहला संगठित जनविद्रोह था।

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2017 में तत्कालीन सरकार ने 2 एकड़ से कम भूमि वालों को भूमिहीन मानते हुए जमीन की बंदोबस्ती का सर्कुलर तो निकाला, मगर आज तक सरकार यह आंकड़ा ही नहीं जुटा पाई कि दरअसल राज्य में भूमिहीन कितने हैं। मौजूदा गठबंधन सरकार के प्रमुख घटक झामुमो ने भी विस चुनाव में वादा तो किया, लेकिन अबतक कुछ नहीं किया।

इन सब के बीच एक सवाल चीख-चीख के हुक्मरानों से पूछ रहा है की आखिर हमें हमारा हक़ कब मिलेगा। जिस जल,जंगल और जमीन को बचाने के लिए झारखंड के वीर सपूतों ने अपनी प्राणो को निछावर कर दिया उन्हें सम्मना कब मिलेगा? झारखंड में सरकार आई और गई लेकिन जो उचित सम्मान मिलना चाहिए था वो आज भी नहीं मिल पाया है.

सिदो-कान्हो के वंशज के हत्या को लेकर भाजपा नेताओ ने राज्यपाल से की मुलाकात, सीबीआई से जांच कराने की मांग

सिदो-कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या को लेकर भाजपा शिष्टमंडल ने सोमवार को राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण उरांव ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में हुई इतनी बड़ी घटना पर उनका कोई संज्ञान नहीं लेना, शहीद के प्रति उनकी नकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है।

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू ने कहा है कि जब राज्य में शहीद परिवार का वंशज असुरक्षित है, तो अन्य जनजातीय समाज की सुरक्षा समझ से परे है। आए दिन आदिवासियों की हत्या हो रही है, पर राज्य सरकार कान में तेल डालकर सोई हुई है।

पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने कहा कि पूरे प्रदेश में मंगलवार को भाजपा के कार्यकर्ता मृतक के परिजनों की भावना के साथ खड़ा होकर सादगीपूर्ण तरीके से हूल दिवस मनाएंगे।

राज्यपाल को सौपे ज्ञापन में हत्याकांड और पुलिसिया कार्रवाई की भर्त्सना करते हुए इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई। परिजनों को 10 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी, बच्चों को शिक्षा और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई।

राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने कहा कि कल हूल दिवस के पूर्व ऐसी घटना शहीद का घोर अपमान है। हत्यारों को फांसी की सजा मिलने से ही सिदो- कान्हो को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शिष्टमंडल में पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव, गंगोत्री कुजूर, अशोक बड़ाईक और बिंदेश्वर उरांव शामिल थे।

बिहार विधानसभा में 12 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में झामुमो, राजद गठबंधन का होगा हिस्सा

झारखंड विधानसभा चुनाव फ़तेह करने के बाद अब सबकी की निगाहे इस वर्ष के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव पर है. सत्ताधारी एनडीए गठबंधन जहाँ के बार फिर सत्ता में काबिज होने उतरेगा वही राजद-कांग्रेस और झामुमो गठबंधन जदयू और भाजपा को सत्ता से बेदखल करने उतरेगा।

बिहार विधानसभा का चुनाव 2020 के आखिर में यानी नवंबर के महीने में होने की उम्मीद है क्यूंकि 2015 में चुने गए वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर 2020 को समाप्त होगा। इस बार चुनाव में जेडीयू के नेतृत्व वाले एनडीए और आरजेडी के नेतृत्व वाले यूपीए के बीच दिलचस्‍प लड़ाई होगी। सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि पार्टी फिलहाल बिहार में 12 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है।

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झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा 12 विधानसभा सीटों तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रूपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में जुटा है। झामुमो राजद के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा होगा।

गुमला में व्यापारी से लूटपाट करने के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या

गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के बनियाडीह गांव थाना से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अपराधियों द्वारा व्यापारी से लूटपाट करने के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली लगने से जिसकी मौत हुई है वो बनियाडीह गांव निवासी 35 वर्षीय ठाकुर उरांव है।

घटना के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि बनियाडीह गांव के पास घाघरा निवासी नवीन साहू धान खरीदी का कार्य दुकान लगाकर करता था। प्रत्येक दिन की तरह आज भी दुकान खोलकर अपने स्टाफ ठाकुर उरांव बनियाडीह गांव निवासी के साथ दुकान पर बैठा था कि अचानक ही तीन बाइक पर सवार होकर 6 की संख्या में हथियारबंद अपराधी आ धमके। अपराधी दुकान के अंदर घुसते ही नवीन की कनपटी पर पिस्तौल तानते हुए कहा कि सारा पैसा दे दो। इस पर नवीन अपना सारा पैसा निकाल कर दे दिया।

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पैसा लूट कर अपराधी जा रहे थे कि ठाकुर उरांव ने दुकान में रखी लाठी से अपराधियों पर प्रहार कर दिया। इसमें एक अपराधी को सिर पर गंभीर चोट भी आई है। वही अपराधियों पर जैसे ही ठाकुर ने वार किया, दूसरी बाइक पर सवार अपराधियों ने उसके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही ठाकुर जमीन पर गिर गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

मृतक ठाकुर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सुरमिला देवी का कहना है कि अपराधियों ने हमारे पति की हत्या कर दी है। अब हमारे घर में खाने के लिए कुछ नहीं है। मजदूरी कर पति कमाते थे। हमारे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। इसलिए सरकार हमें मुआवजा के साथ नौकरी दें ताकि अपना जीवन यापन कर सके।