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Nitish Kumar
File Image of CM Bihar Nitish Kumar

बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के बुलाये गये एक दिनी विशेष सत्र में सोमवार को एससी-एसटी आरक्षण को एक बार फिर अगले दस वर्षों के लिए बढ़ाने पर मुहर लग गयी. विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने 126वें संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से स्वीकृत होने की घोषणा की. मालूम हो कि संसद के दोनों सदनों ने पिछले सत्र में मंजूरी दी थी.

जानकारी के मुताबिक, बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के बुलाये गये एक दिनी विशेष सत्र में सोमवार को 126वें संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से स्वीकृत कर लिया गया. इसके साथ ही एससी-एसटी आरक्षण को एक बार फिर अगले दस वर्षों यानी जनवरी 2030 तक के लिए लागू हो गया. इस मौके पर सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनआरसी को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि एनआरसी का बिहार में कोई सवाल ही नहीं है. एनआरसी तो केंद्र की तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने असम के लिए ले आयी थी. एनआरसी का पूरे देश में औचित्य ही नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संबंध में बोल चुके हैं. एनआरसी की बात असम के संदर्भ में थी.

साथ ही मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष द्वारा जातीय जनगणना के संबंध में उठाये गये सवाल पर कहा कि जातीय जनगणना के पक्षधर हमलोग भी हैं. जातीय जनगणना जरूर होनी चाहिए. साल 1930 में आखिरी बार जातीय जनगणना हुई थी. उसके बाद कभी नहीं हुई. मुख्यमंत्री ने सदन में जन-जीवन-हरियाली अभियान के संबंध में कहा कि अभी यह योजना की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. जिन लोगों को हटाया जा रहा है, वे गरीब लोग हैं, उन्हें अन्य जगहों पर बसाया जायेगा. मुख्यमंत्री ने एससी-एसटी आरक्षण अगले दस वर्षों के लिए बढ़ाने को लेकर सभी दलों द्वारा समर्थन दिये जाने पर सभी दलों के नेताओं को धन्यवाद भी दिया. इससे पहले नीतीश कुमार के सदन पहुंचने पर बुके देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया.

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126वें संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, नेता प्रतिपक्ष व आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने एससी-एसटी आरक्षण को अगले दस वर्षों के लिए बढ़ाये जाने को लेकर अपनी बातें रखीं. सदन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण की वजह से लोग विधानसभा और लोकसभा में आते हैं. जरूरत के मुताबिक आरक्षण को बनाये रखना होगा. अंतिम तबके के लाभान्वित होने तक आरक्षण लागू रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि समाज मे जब तक भेदभाव है, आरक्षण लागू रहेगा. वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एससी-एसटी आरक्षण को समर्थन देते हुए जातीय जनगणना को लेकर पर विशेष सत्र बुलाये जाने की जरूरत है. मालूम हो कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विशेष सत्र में भाग लेने के लिए सोमवार की सुबह पटना पहुंचे और सदन की कार्यवाही में भाग लिया. सदन में एससी-एसटी आरक्षण सर्व सम्मति से स्वीकृत किये जाने के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में शोक प्रस्ताव पेश किया. इसके बाद सदन के सदस्यों ने मौन रह कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी.

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