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Durand Cup 2026: राँची में पहली बार सजेगा फुटबॉल का महाकुंभ, बिरसा मुण्डा स्टेडियम में 26 जुलाई से होंगे रोमांचक मुकाबले

Megha Sinha
Durand Cup 2026 Ranchi : डूरंड कप 2026 की मेजबानी के लिए राँची पूरी तरह तैयार, 18 जुलाई को निकलेगा ट्रॉफी टूर, सुरक्षा, यातायात और खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर प्रशासन की व्यापक तैयारी।

Durand Cup 2026 Ranchi: राँची पहली बार डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुण्डा फुटबॉल स्टेडियम में मुकाबले होंगे। जानिए ट्रॉफी टूर, प्रशासनिक तैयारियों और आयोजन की पूरी जानकारी।

झारखंड की राजधानी राँची अब देश के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक डूरंड कप 2026 (Durand Cup 2026) की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। पहली बार राँची को इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है, जिसे राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। 26 जुलाई से 16 अगस्त 2026 तक मोराबादी स्थित बिरसा मुण्डा फुटबॉल स्टेडियम में होने वाले मुकाबलों को लेकर प्रशासन, खेल विभाग और सेना सहित सभी संबंधित एजेंसियाँ युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटी हैं।

सोमवार को धुर्वा स्थित एफएफपी बिल्डिंग में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आयोजन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इतने बड़े राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी की कोई गुंजाइश नहीं है।

Durand Cup 2026: राँची में पहली बार सजेगा फुटबॉल का महाकुंभ, बिरसा मुण्डा स्टेडियम में 26 जुलाई से होंगे रोमांचक मुकाबले 1

उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की हुई समीक्षा

बैठक में आयोजन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव मुकेश कुमार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और अतिथियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि आयोजन झारखंड की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में फायर सेफ्टी, स्टेडियम की ब्रांडिंग, खिलाड़ियों के आवास, अतिथियों के ठहराव, आमंत्रण पत्र वितरण, मीडिया प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के मानकों के अनुरूप हों।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस

डूरंड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हजारों दर्शकों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सचिव ने मैच शेड्यूल के अनुसार मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति करने के निर्देश दिए ताकि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे।

पुलिस प्रशासन को स्टेडियम के भीतर और बाहर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने तथा आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष योजना भी तैयार की जा रही है।

यातायात और साफ-सफाई की होगी विशेष व्यवस्था

राँची नगर निगम को स्टेडियम परिसर और उसके आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था की जाएगी।

इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मैच के दिनों में शहर में यातायात सुचारू बना रहे। स्टेडियम तक आने-जाने वाले मार्गों पर पार्किंग, डायवर्जन और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा।

18 जुलाई को निकलेगा भव्य ट्रॉफी टूर

डूरंड कप 2026 को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से 18 जुलाई 2026 को भारतीय थल सेना की ओर से राँची में भव्य ट्रॉफी टूर का आयोजन किया जाएगा।

इस दौरान डूरंड कप की प्रतिष्ठित ट्रॉफी को शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर ले जाया जाएगा। ट्रॉफी टूर का उद्देश्य आम नागरिकों, युवाओं और फुटबॉल प्रेमियों को इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता से जोड़ना है। माना जा रहा है कि ट्रॉफी टूर के दौरान बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।

राज्य में खेल संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

राँची में डूरंड कप का आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि झारखंड में खेल संस्कृति को नई दिशा देने वाला अवसर माना जा रहा है। इससे राज्य के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल मुकाबलों को करीब से देखने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े आयोजनों से स्थानीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और खेलों के प्रति युवाओं की रुचि भी मजबूत होती है। इससे भविष्य में झारखंड से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अधिक खिलाड़ी उभरने की संभावना बढ़ेगी।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी होगा लाभ

डूरंड कप 2026 के आयोजन से राँची में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। देश के विभिन्न राज्यों से खिलाड़ी, अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि और हजारों दर्शक राजधानी पहुंचेंगे, जिससे होटल, परिवहन, रेस्टोरेंट, स्थानीय बाजार और अन्य व्यवसायों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना भी है। राज्य सरकार इस अवसर को पर्यटन और खेल विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण मान रही है।

सभी विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, झारखंड खेल प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। खेल प्राधिकरण स्टेडियम की तकनीकी तैयारियों और खेल संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा।

इन अधिकारियों ने लिया बैठक में हिस्सा

बैठक में राँची नगर निगम के नगर आयुक्त सुशांत गौरव, खेल निदेशक छवि रंजन, सेना के नोडल पदाधिकारी कर्नल हेम चंद्रा, मेजर आनंद, ऊर्जा विभाग के कार्यपालक अभियंता जयकांत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, झारखंड खेल प्राधिकरण के कार्यपालक अभियंता सहित जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी और तय समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का भरोसा दिलाया।

झारखंड के लिए ऐतिहासिक अवसर

डूरंड कप भारत का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है और इसका आयोजन राँची में होना झारखंड के लिए गौरव की बात है। पहली बार राजधानी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रही है। ऐसे में सरकार और प्रशासन इसे यादगार और सफल आयोजन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयोजन सफल रहता है, तो भविष्य में भी झारखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर मिल सकता है। इससे राज्य में खेल अवसंरचना के विकास को भी नई गति मिलेगी।