JPSC Scam News : JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID ने जांच तेज करते हुए मुख्य आरोपी अभय तिवारी के ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लिया है। अभय तिवारी की पत्नी और दोनों सालों की तलाश जारी है। CID संपत्तियों, आय के स्रोतों और OMR शीट की भी गहन जांच कर रही है।
JPSC Scam News : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा गड़बड़ी मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। लंबे समय से चल रही जांच के बीच अब एजेंसी ने मुख्य आरोपी माने जा रहे अभय तिवारी के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गिरिडीह जिले के बेंगाबाद स्थित अभय तिवारी के ससुराल में छापेमारी की गई, जहां से उसके ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। विकास पांडेय पेशे से सहायक शिक्षक हैं।
CID की इस कार्रवाई को JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसी का मानना है कि आरोपी से जुड़े परिजनों और आर्थिक गतिविधियों की जांच से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्य आरोपी अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी और दोनों साले लगातार लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में CID उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है और तकनीकी माध्यमों से भी उनकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी के दोनों सालों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है। CID का मानना है कि मामले से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं, जिनकी जानकारी परिवार के सदस्यों के पास हो सकती है। यदि नोटिस के बावजूद वे जांच में शामिल नहीं होते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस बीच CID ने विकास पांडेय की आर्थिक स्थिति और संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उनके पास मौजूद संपत्तियों का स्रोत क्या है और उनकी आय के अनुरूप संपत्ति अर्जित की गई है या नहीं। हथबोर, गिरिडीह, देवघर समेत अन्य स्थानों पर मौजूद चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति या संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अन्य एजेंसियों से भी सहयोग लिया जा सकता है।
JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इसी कड़ी में CID ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) में सफल अभ्यर्थियों से मांगी गई OMR शीट की प्रतियों की जांच भी तेज कर दी है।
जांच अधिकारी OMR शीट, परीक्षा रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उत्तर पुस्तिकाओं या मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी के प्रमाण मिलते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
गौरतलब है कि JPSC परीक्षा गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद से यह पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अभ्यर्थियों ने लगातार सवाल उठाए हैं। ऐसे में CID की कार्रवाई को इस मामले की तह तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसी जांच का निष्पक्ष और समयबद्ध होना आवश्यक है। यदि जांच में दोषियों की भूमिका साबित होती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में सहायक हो सकती है।
CID फिलहाल सभी पहलुओं पर समानांतर जांच कर रही है। इसमें आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, पारिवारिक संबंध, संपत्ति, डिजिटल साक्ष्य और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों से पूछताछ की जा रही है या जिन्हें नोटिस भेजा गया है, उनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की कार्रवाई लगातार जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।









