Manki Munda Scholarship 2025-26 : झारखंड की छात्राओं को ₹30,000 तक छात्रवृत्ति, 839 नए वोकेशनल और टेक्निकल कोर्स योजना में शामिल
Manki Munda Scholarship 2025-26 : झारखंड सरकार ने मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाया है। अब डिप्लोमा और प्रोफेशनल डिग्री कोर्स की छात्राओं को आर्थिक सहायता मिलेगी। जानिए पात्रता, राशि, नए कोर्स और आवेदन की पूरी प्रक्रिया।
Manki Munda Scholarship 2025-26 : झारखंड सरकार की मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्राओं को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के विस्तार के बाद डिप्लोमा के 497 और डिग्री के 342 नए कोर्स शामिल किए गए हैं। अब पात्र छात्राओं को डिप्लोमा के लिए ₹15,000 और डिग्री/प्रोफेशनल कोर्स के लिए ₹30,000 सालाना तक की सहायता मिलेगी। जानिए योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन करने का तरीका।
Manki Munda Scholarship 2025-26 : झारखंड में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए राज्य सरकार की मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब बड़ी संख्या में नए वोकेशनल और टेक्निकल कोर्स को इसमें शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के विस्तार के बाद अब डिप्लोमा स्तर के 497 और डिग्री स्तर के 342 नए कोर्स इसमें शामिल किए गए हैं। यानी कुल 839 नए कोर्स की छात्राएं, निर्धारित पात्रता पूरी करने पर, योजना का लाभ ले सकेंगी। पहले योजना का दायरा मुख्य रूप से पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों तक सीमित था। अब इसमें कई अन्य रोजगारपरक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्राओं को उनके पाठ्यक्रम के स्तर के आधार पर अलग-अलग आर्थिक सहायता दी जाएगी।
डिप्लोमा कोर्स में पढ़ाई कर रही पात्र छात्राओं को ₹15,000 प्रतिवर्ष की छात्रवृत्ति दी जाएगी। वहीं ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल डिग्री कोर्स में पढ़ने वाली पात्र छात्राओं को ₹30,000 प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता मिलेगी।
योजना के तहत डिप्लोमा स्तर पर कुल 5,000 छात्राओं और ग्रेजुएशन/डिग्री स्तर पर कुल 10,000 छात्राओं को सहायता दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य छात्राओं के सामने आने वाले शिक्षा संबंधी खर्च को कम करना और उन्हें तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना का दायरा बढ़ने के बाद अब केवल पारंपरिक इंजीनियरिंग या पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों तक ही छात्रवृत्ति सीमित नहीं रहेगी। इसमें विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है।
इनमें कंप्यूटर, साइबर सिक्योरिटी, फॉरेंसिक साइंस, होटल मैनेजमेंट, फार्मेसी, डिजाइनिंग और मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रम भी शामिल बताए गए हैं।
इस बदलाव का सीधा फायदा उन छात्राओं को मिल सकता है, जो बदलते रोजगार बाजार को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक पाठ्यक्रमों के बजाय नए जमाने के प्रोफेशनल और स्किल आधारित कोर्स चुन रही हैं।
यह विस्तार शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि छात्रवृत्ति की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से पात्र छात्राओं के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इससे छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थी तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। आवेदन के दौरान छात्राओं को अपने बैंक खाते से संबंधित सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
हालांकि, छात्राओं को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आवेदन में दी गई बैंक संबंधी जानकारी सही हो, ताकि भुगतान के समय किसी प्रकार की परेशानी न आए।
मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना का लाभ केवल आवेदन करने से लगातार जारी नहीं रहेगा। छात्राओं के लिए पढ़ाई में निर्धारित शैक्षणिक प्रदर्शन बनाए रखना भी जरूरी है।
योजना के अनुसार, हर सेमेस्टर में पास होना अनिवार्य है। किसी विषय में फेल होने की स्थिति में छात्रवृत्ति बंद किए जाने का प्रावधान बताया गया है।
इसलिए योजना का लाभ लेने वाली छात्राओं को नियमित पढ़ाई के साथ अपने सेमेस्टर के परिणाम पर भी ध्यान देना होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले आवेदक छात्रा झारखंड की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
इसके अलावा छात्रा ने 10वीं या 12वीं की परीक्षा झारखंड के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास की हो।
छात्रा राज्य के किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या संस्थान में अधिसूचित डिप्लोमा या डिग्री कोर्स में नियमित रूप से पढ़ाई कर रही होनी चाहिए।
एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक छात्रा केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य समान छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं ले रही हो।
इसलिए आवेदन करने से पहले छात्राओं को अपनी पात्रता और पाठ्यक्रम की पात्र सूची में स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।
मानकी मुंडा छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते समय छात्राओं को कई जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इनमें मुख्य रूप से झारखंड का निवास प्रमाण पत्र, 10वीं या 12वीं की मार्कशीट, कॉलेज का बोनाफाइड सर्टिफिकेट, फीस रसीद, बैंक पासबुक की कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।
सभी दस्तावेजों में नाम और अन्य जरूरी जानकारी सही होनी चाहिए। आवेदन के दौरान गलत या अधूरी जानकारी देने पर सत्यापन में समस्या हो सकती है।
योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन बताई गई है। छात्राओं को सबसे पहले झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाना होगा।
इसके बाद “Manki Munda Scholarship” विकल्प पर जाकर नए आवेदक के रूप में रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी।
अकाउंट बनने के बाद लॉग इन करके व्यक्तिगत जानकारी, कॉलेज, रोल नंबर और संबंधित कोर्स की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद मांगे गए सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
ऑनलाइन आवेदन पूरा करने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा। इसके बाद आवेदन का प्रिंट निकालकर जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित कॉलेज या विभाग में सत्यापन के लिए जमा करना होगा।
तकनीकी और प्रोफेशनल शिक्षा में फीस, किताबें, रहने-खाने और अन्य शैक्षणिक खर्च कई परिवारों के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति के जरिए मिलने वाली आर्थिक सहायता छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद कर सकती है।
839 नए कोर्स को योजना के दायरे में शामिल किए जाने से इसका लाभ पारंपरिक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के अलावा कई नए रोजगारपरक क्षेत्रों में पढ़ाई कर रही छात्राओं तक पहुंचने की संभावना है।
हालांकि, आवेदन करने वाली छात्राओं को अपने कोर्स की पात्रता, संस्थान की मान्यता और योजना की वर्तमान आधिकारिक शर्तों की पुष्टि संबंधित सरकारी पोर्टल या कॉलेज से जरूर करनी चाहिए। योजना से जुड़ी राशि, पात्रता और आवेदन की अंतिम तिथि में किसी भी आधिकारिक बदलाव की स्थिति में नवीनतम सरकारी सूचना को ही मान्य माना जाना चाहिए।









