Ramgarh News : एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने पुलिस अधिकारियों के साथ की मासिक अपराध गोष्ठी, 60 दिनों में रेप-पोक्सो मामलों के निष्पादन और डायल-112 पर 9 मिनट में रिस्पांस देने के दिए निर्देश
Ramgarh News : रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने मासिक अपराध गोष्ठी में लंबित कांडों, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई, गिरफ्तारी, वारंट निष्पादन और डायल-112 पर 9 मिनट में रिस्पांस के निर्देश दिए गए।
Ramgarh News : रामगढ़ जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने अपने कार्यालय स्थित सभागार में जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित कर लंबित कांडों, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस पूरी गंभीरता एवं तत्परता के साथ काम करे।
मासिक अपराध गोष्ठी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातू एवं रामगढ़, सभी अंचल निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिले में दर्ज मामलों की स्थिति से लेकर अभियुक्तों की गिरफ्तारी, कांडों के उद्भेदन और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान लंबित कांडों की शीर्षवार समीक्षा की गई। एसपी ने अधिकारियों से अलग-अलग श्रेणियों में लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी बाकी है, वहां योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
अगस्त 2026 में दर्ज और निष्पादित किए गए कांडों की भी समीक्षा की गई। एसपी ने सितंबर माह में अधिक संख्या में लंबित कांडों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर अलग सूची में रखने और उनकी नियमित निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी कांड के अनुसंधान में अनावश्यक देरी न हो। कांडों के उद्भेदन और अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों को लेकर भी एसपी ने विशेष निर्देश जारी किए। बलात्कार एवं POCSO Act से संबंधित मामलों का 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया है। ऐसे संवेदनशील मामलों में अनुसंधान की गति तेज रखने और पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
एसपी ने अधिकारियों से कहा कि गंभीर प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और अनुसंधान से जुड़े सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
बैठक में नागरिक सेवाओं से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया पांच दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिया गया। इसके अलावा चरित्र एवं सेवा सत्यापन से संबंधित मामलों को भी समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने पर जोर दिया गया।
एसपी ने कहा कि पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों को मिलने वाली पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को लेकर भी बैठक में विशेष निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि डायल-112 के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं पर पुलिस टीम को नौ मिनट के भीतर त्वरित रिस्पांस देना सुनिश्चित करना होगा।
आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित मौजूदगी अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को रिस्पांस टाइम की लगातार निगरानी करने को कहा गया।
अपराध नियंत्रण की रणनीति के तहत संगठित आपराधिक गिरोहों, जेल से छूटे अपराधियों और दागी अपराधियों का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। पुलिस को ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके साथ ही गैर-जमानती वारंट, स्थायी वारंट और फरार अभियुक्तों के खिलाफ योजनाबद्ध अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया। एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर विशेष रणनीति बनाकर कार्रवाई की जाए।
बैठक में चेन छिनतई, मोबाइल छिनतई, पर्स छिनतई और संपत्ति संबंधी अपराधों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। ऐसे मामलों में अपराध के पैटर्न की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने तथा अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा SC/ST Act और IT Act से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई। साइबर और तकनीक से जुड़े अपराधों के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।
मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिसिंग से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी प्रणालियों के इस्तेमाल की भी समीक्षा की गई। इसमें ई-साक्ष्य, CCTNS, eDAR/iRAD, ITSSO और NATGRID के अंतर्गत GANDIVA एवं SUDARSHAN एप्लीकेशन के उपयोग की स्थिति पर चर्चा हुई।
एसपी ने इन तकनीकी माध्यमों का प्रभावी और नियमित इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अनुसंधान, रिकॉर्ड प्रबंधन और अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया जा सके।
इसके साथ ही मालखाना निष्पादन और जन शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आम लोगों से प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
सड़क सुरक्षा को लेकर एसपी ने जिले में नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में लगातार प्रयास करने को कहा गया।
इसके अलावा अवैध खनन और अवैध शराब के खिलाफ छापामारी अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। पुलिस एवं संबंधित विभागों के समन्वय से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने को कहा गया।
आगामी गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा और करमा पूजा को देखते हुए जिले में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी करने को कहा गया।
एसपी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान शांति एवं सौहार्द का माहौल बनाए रखने के लिए लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहें और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें।
मासिक अपराध गोष्ठी के अंत में रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने सभी पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करें।
बैठक में लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन से लेकर फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, संवेदनशील मामलों में समयबद्ध अनुसंधान, नागरिक सेवाओं में तेजी और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था तक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस प्रशासन की इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर और त्वरित पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है। अब आने वाले दिनों में इन निर्देशों के आधार पर थाना एवं ओपी स्तर पर पुलिस कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।









