Ranchi News : SSP राकेश रंजन के निर्देश पर देर रात चला पुलिस का विशेष अभियान, लाइसेंस से लेकर हुक्का और नाबालिगों को शराब परोसने तक की हुई जांच
Ranchi News : रांची में पुलिस ने शनिवार देर रात 10 से अधिक प्रमुख बारों में एक साथ औचक छापेमारी की। पुलिस टीमों ने बारों के लाइसेंस, संचालन की अनुमति, निर्धारित समय-सीमा, हुक्का संचालन और नाबालिगों को शराब परोसने जैसे नियमों की जांच की। कार्रवाई के बाद बार संचालकों में हड़कंप मच गया।
Ranchi News : झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार देर रात पुलिस ने बार संचालकों के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान चलाया। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रांची पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के 10 से अधिक प्रमुख बारों में एक साथ औचक छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से बार संचालकों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई।
पुलिस की टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित बारों में पहुंचकर वहां संचालित गतिविधियों की जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने बार संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की और यह देखने की कोशिश की कि संबंधित प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों और लाइसेंस की शर्तों के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं।
इस कार्रवाई का नेतृत्व सिटी एसपी पारस राणा और ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी की निगरानी में किया गया। देर रात एक साथ कई स्थानों पर पुलिस टीमों की मौजूदगी से राजधानी के बार संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान पुलिस ने बार संचालकों से लाइसेंस और संचालन की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे। इसके अलावा यह भी जांच की गई कि बार निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही संचालित किए जा रहे हैं या नहीं।
पुलिस की जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने बार के अंदर चल रही गतिविधियों का भी जायजा लिया। विशेष रूप से हुक्का परोसे जाने, शराब से संबंधित नियमों के पालन और ग्राहकों की उम्र से जुड़े प्रावधानों की जांच की गई।
पुलिस की विशेष नजर इस बात पर भी थी कि कहीं किसी बार में नाबालिगों को शराब तो नहीं परोसी जा रही है। शराब परोसने से जुड़े नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
शनिवार देर रात जब पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बारों में पहुंचीं तो संचालकों और कर्मचारियों को कार्रवाई की जानकारी अचानक मिली। पुलिस की गाड़ियों और अधिकारियों की मौजूदगी के बाद बार परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी हलचल बढ़ गई।
पुलिस टीमों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और संचालकों से आवश्यक जानकारी ली। जहां जरूरत महसूस हुई, वहां संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजधानी में बार और अन्य मनोरंजन प्रतिष्ठानों का संचालन निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए।
पुलिस की इस कार्रवाई का एक उद्देश्य यह भी माना जा रहा है कि बार संचालकों को नियमों के पालन के प्रति गंभीर बनाया जाए। खासकर देर रात तक संचालन, लाइसेंस की शर्तों का पालन और नाबालिगों से जुड़े प्रावधानों को लेकर पुलिस सख्ती बरतने के संकेत दे रही है।
बार संचालन के लिए संबंधित प्रतिष्ठान के पास वैध लाइसेंस और जरूरी अनुमतियों का होना आवश्यक है। पुलिस की टीमों ने छापेमारी के दौरान इन्हीं दस्तावेजों की जांच की।
अधिकारियों ने यह भी देखा कि बार जिस तरीके से संचालित हो रहा है, वह उसके लाइसेंस और निर्धारित शर्तों के अनुरूप है या नहीं। यदि जांच के दौरान दस्तावेजों में किसी तरह की कमी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित विभागीय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि राजधानी में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रांची में बारों पर की गई इस कार्रवाई में हुक्का संचालन और नाबालिगों को शराब परोसे जाने जैसे मामलों को भी जांच के दायरे में रखा गया। पुलिस की कोशिश यह पता लगाने की थी कि कहीं प्रतिबंधित या नियमों के विपरीत गतिविधियां तो नहीं चल रही हैं।
नाबालिगों को शराब उपलब्ध कराना एक गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इसी वजह से पुलिस की टीमों ने बार में मौजूद लोगों और वहां चल रही गतिविधियों पर भी नजर रखी।
वहीं, हुक्का को लेकर भी अलग-अलग नियम और स्थानीय स्तर पर लागू प्रावधान होते हैं। पुलिस ने यह जांचने की कोशिश की कि संबंधित बार में हुक्का से जुड़ी गतिविधियां वैध नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
पुलिस की कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण बिंदु बारों के संचालन की निर्धारित समय-सीमा भी रहा। पुलिस ने यह जांचने की कोशिश की कि क्या कोई बार तय समय समाप्त होने के बाद भी ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध करा रहा था।
राजधानी जैसे बड़े शहर में देर रात तक चलने वाले प्रतिष्ठानों को लेकर समय-समय पर प्रशासन और पुलिस की ओर से निगरानी की जाती रही है। ऐसे में अचानक की गई इस कार्रवाई को पुलिस की नियमित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अगर किसी प्रतिष्ठान में निर्धारित समय का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस की ओर से की गई छापेमारी के बाद जांच की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। पुलिस टीमों द्वारा मौके पर देखे गए दस्तावेजों और गतिविधियों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यदि किसी बार में लाइसेंस संबंधी कमी, समय-सीमा का उल्लंघन, नाबालिगों को शराब परोसने या अन्य नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद ही सामने आएगा।
रांची पुलिस की इस सामूहिक छापेमारी को राजधानी में कानून-व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एक साथ 10 से अधिक बारों में कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत गया है कि पुलिस देर रात संचालित होने वाले मनोरंजन प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ा रही है।
पुलिस का कहना है कि बार संचालकों को सभी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। लाइसेंस की वैधता, संचालन की अनुमति, समय-सीमा, ग्राहकों की उम्र और अन्य कानूनी प्रावधानों की अनदेखी करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
राजधानी में इस तरह की औचक जांच आगे भी जारी रहती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल शनिवार देर रात हुई इस कार्रवाई ने रांची के बार कारोबार से जुड़े लोगों के बीच चर्चा जरूर तेज कर दी है।









