Ranchi News : मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने मोरहाबादी मैदान में मेले का किया उद्घाटन। चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों को 15-15 लाख रुपये, जबकि विशेष बच्चों की संगीत शिक्षा और कला प्रशिक्षण के लिए 96-96 हजार रुपये की सहायता दी गई। बारिश के कारण मेले का समापन अब 3 नवंबर को होगा।
Ranchi News : रांची के मोरहाबादी मैदान में जेसोवा दीपावली मेला 2026 का उद्घाटन मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने किया। मेले के माध्यम से शिक्षा, पुस्तकालय विकास, विशेष बच्चों की प्रतिभा और भारतीय कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहयोग दिया गया है।
Ranchi News : झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित जेसोवा दीपावली मेला 2026 का उद्घाटन मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने किया। झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (JIASOWA) की ओर से आयोजित इस मेले में खरीदारी और मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा, कला-संस्कृति तथा समाज के जरूरतमंद वर्गों के कल्याण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में मुख्य सचिव ने संगठन की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस मेले का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना और सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करना भी है।

मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपनी कला तथा उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि जेसोवा दीपावली मेला सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विशेष बच्चों सहित अन्य बच्चों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रसार, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और कला-संस्कृति का संरक्षण समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। इस तरह की पहल से उन लोगों को सहयोग मिल सकता है, जिन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अवसरों और संसाधनों की जरूरत होती है।

मुख्य सचिव ने आयोजकों से मेले के संचालन में तत्परता, पारदर्शिता और समर्पण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्टॉल संचालकों, कलाकारों और मेले में आने वाले लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखने पर भी जोर दिया।
जेसोवा दीपावली मेला 2026 के दौरान शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन जिलों के पुस्तकालयों के विकास के लिए आर्थिक सहयोग दिया गया है। चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों को 15-15 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। इस तरह पुस्तकालयों के लिए कुल 45 लाख रुपये की सहायता दी गई।
इस सहयोग का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और ज्ञान तथा कौशल के विकास को प्रोत्साहित करना है। पुस्तकालय विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी मदद करते हैं। यहां उपलब्ध अध्ययन सामग्री और शांत वातावरण छात्रों को नियमित अध्ययन के लिए उपयोगी संसाधन प्रदान कर सकते हैं।

विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें घर पर पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन या अनुकूल वातावरण नहीं मिल पाता। ऐसे में पुस्तकालयों के विकास के लिए आर्थिक सहायता मिलने से अध्ययन सुविधाओं को बेहतर बनाने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
हालांकि, इस सहयोग का वास्तविक प्रभाव पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं, पुस्तकों, अध्ययन संसाधनों और उनके नियमित रखरखाव पर भी निर्भर करेगा।
जेसोवा ने विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षा और प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए भी सहयोग राशि प्रदान की है। मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों को संगीत की शिक्षा देने के उद्देश्य से श्रेयशी बनर्जी को 96 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनकी प्रतिभा के विकास के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग देना है। विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए शिक्षा के साथ-साथ कला और संगीत जैसी गतिविधियां भी सीखने तथा अपनी क्षमताओं को अभिव्यक्त करने का माध्यम बन सकती हैं।
संगीत शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, उपयुक्त शिक्षण पद्धति और आवश्यक संसाधनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे प्रयास समावेशी शिक्षा की दिशा में उपयोगी कदम साबित हो सकते हैं।
बच्चों में रचनात्मकता और कलात्मक कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए जेसोवा की ओर से स्वास्तिका बनर्जी को आर्ट एंड क्राफ्ट के क्षेत्र में 96 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई है।
आर्ट एंड क्राफ्ट बच्चों को रंगों, आकृतियों और विभिन्न सामग्रियों के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति को व्यक्त करने का अवसर देता है। इससे उनकी रचनात्मक सोच और व्यावहारिक कौशल को विकसित करने में मदद मिल सकती है।
शिक्षा के साथ रचनात्मक गतिविधियों को महत्व देना बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जेसोवा की ओर से इस क्षेत्र में दिया गया सहयोग इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।
दीपावली मेले में झारखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से भी स्टॉल लगाया गया है। यहां आम लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।
स्टॉल पर सरकारी योजनाओं से संबंधित पत्र-पत्रिकाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं पर आधारित लघु फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन एलईडी टीवी के माध्यम से किया जा रहा है।
इस पहल के जरिए मेले में आने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं और उनसे जुड़ी जानकारियों तक पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही जानकारी मिलने से पात्र लोगों को संबंधित सुविधाओं और लाभों के लिए आवेदन करने में मदद मिल सकती है।
मौसम खराब होने और बारिश के बावजूद जेसोवा दीपावली मेले में उत्साह देखने को मिला। मेले में खरीदारी करने पहुंचे लोगों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम के दौरान सितार और सरोद की जुगलबंदी ने श्रोताओं का ध्यान खींचा। सुगम संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके साथ ही कठपुतली शो ने मेले में विशेष आकर्षण जोड़ा।
ऐसे आयोजन लोगों को खरीदारी के साथ-साथ कला और संस्कृति से जुड़ने का अवसर देते हैं। पारंपरिक संगीत, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में भी भूमिका निभाती हैं।
मौसम की स्थिति और बारिश की संभावना को देखते हुए जेसोवा दीपावली मेला 2026 के समापन की तारीख में बदलाव किया गया है। JIASOWA की अध्यक्ष प्रीति कुमार ने जानकारी दी कि पहले मेले का समापन 2 नवंबर को होना था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दिया गया है।
समापन की तारीख में बदलाव का एक उद्देश्य मेले में शामिल वेंडर्स यानी स्टॉल संचालकों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाना भी है। बारिश के कारण मेले में लोगों की आवाजाही और खरीदारी प्रभावित हो सकती है, जिससे स्टॉल संचालकों के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका रहती है।