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Ranchi News : खेत बचाओ अभियान सह रबी कर्मशाला-2026: किसानों की आय बढ़ाने, भूमि संरक्षण और कृषि उत्पादन में वृद्धि पर जोर

Megha Sinha

Ranchi News : रांची के पशुपालन भवन, हेसाग में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीकी पी ने अधिकारियों को किसानों तक सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। परती भूमि के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य, सिंचाई व्यवस्था और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन पर हुई चर्चा।

Ranchi News : किसानों की खुशहाली, कृषि उत्पादन में वृद्धि और भूमि संरक्षण को लेकर झारखंड सरकार ने कृषि विभाग के अधिकारियों को गांवों और खेतों तक पहुंचकर काम करने का निर्देश दिया है। इसी उद्देश्य से गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को रांची के पशुपालन भवन, हेसाग में खेत बचाओ अभियान सह राज्य स्तरीय रबी कर्मशाला-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दीकी पी सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी शामिल हुए।

Ranchi News : कर्मशाला में किसानों को सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उपलब्ध कराने, कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने, परती भूमि का बेहतर उपयोग करने और रबी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों से किसानों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीकी पी ने कहा कि किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा। उन्होंने जिला स्तरीय पदाधिकारियों से किसानों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने का निर्देश दिया।

Ranchi News : खेत बचाओ अभियान सह रबी कर्मशाला-2026: किसानों की आय बढ़ाने, भूमि संरक्षण और कृषि उत्पादन में वृद्धि पर जोर 1

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी और सहायता उपलब्ध करा रही है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचे और वे इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।

कृषि सचिव ने कहा कि किसानों की खुशहाली और उनका आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस लक्ष्य को हासिल करने में कृषि विभाग के अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार की योजनाओं और नीतियों को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है।

उन्होंने अधिकारियों से कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय गांवों और खेतों तक पहुंचने का आह्वान किया। उनके अनुसार, किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी सहायता का लाभ जरूरतमंद किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

इस वर्ष आयोजित राज्य स्तरीय कर्मशाला में दो प्रमुख विषयों को केंद्र में रखा गया है। पहला खेत बचाओ अभियान और दूसरा रबी कर्मशाला। खेत बचाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि की उर्वरता एवं स्वास्थ्य को बनाए रखना और खेती को अधिक टिकाऊ बनाना है।

कृषि सचिव ने कहा कि कृषि भूमि का संरक्षण केवल वर्तमान उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य की खेती और किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। भूमि की गुणवत्ता में सुधार और उसके स्वास्थ्य को बनाए रखने से कृषि उत्पादन को लंबे समय तक बेहतर बनाया जा सकता है।

कर्मशाला में परती भूमि के बेहतर उपयोग, खेतों में फसल आच्छादन का क्षेत्र बढ़ाने, उर्वरकों के सीमित एवं सुरक्षित इस्तेमाल तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई।

इसके साथ ही कृषि उत्पादन बढ़ाने में आने वाली समस्याओं की पहचान और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों से अपेक्षा की गई कि वे तकनीकी जानकारी को किसानों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाएं।

रबी कर्मशाला के दौरान फसल उत्पादकता, फसल सघनता, सिंचाई और बाजार संपर्क जैसे महत्वपूर्ण कृषि विषयों पर चर्चा हुई।

फसल उत्पादकता बढ़ाने का उद्देश्य उपलब्ध कृषि भूमि से बेहतर उत्पादन प्राप्त करना है। वहीं, फसल सघनता बढ़ाने के लिए कृषि भूमि पर उपयुक्त परिस्थितियों में एक से अधिक फसल चक्र अपनाने की संभावनाओं पर ध्यान दिया जाता है।

कृषि सचिव ने इन क्षेत्रों में सुधार के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने, कृषि संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और कृषि उत्पादों के विपणन के लिए मजबूत बाजार संपर्क स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। इसके लिए कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को बाजार से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत है।

कृषि सचिव ने राज्य के सभी जिलों में सिंचाई व्यवस्था से संबंधित अद्यतन आंकड़े तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिलों में उपलब्ध तालाबों, नहरों और अन्य सिंचाई संसाधनों का संशोधित डेटा तैयार कर अपडेट किया जाए।

सिंचाई संसाधनों की सही जानकारी होने से कृषि योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने और किसानों को जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने उपलब्ध जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय और योजनाबद्ध प्रयास आवश्यक हैं।

कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई व्यवस्था, भूमि संरक्षण और बाजार संपर्क को एक साथ मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई।

कर्मशाला को संबोधित करते हुए कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में परती भूमि के अधिकतम उपयोग और उस पर फसल आच्छादन का क्षेत्र विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि परती भूमि का बेहतर उपयोग कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए किसानों को उपयुक्त कृषि तकनीकों और फसल प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है।

कृषि निदेशक ने मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण और सतत कृषि विकास के लिए रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से तकनीकी सत्रों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा साझा किए जा रहे तकनीकी ज्ञान एवं अनुभवों का अधिकतम लाभ उठाया जाना चाहिए, ताकि कृषि विभाग के कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सके।

कार्यक्रम में मृदा निदेशक विकास कुमार, निदेशक समिति रमाशंकर प्रसाद और गव्य निदेशक संजीव कुमार सहित विभिन्न अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों ने अपने विचार रखे।

कृषि विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने भूमि संरक्षण, कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति सीएस दुबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान सह रबी कर्मशाला का प्रमुख उद्देश्य किसानों को भूमि के स्वास्थ्य और उसकी उर्वरा शक्ति बनाए रखने के प्रति जागरूक करना है।

उन्होंने भूमि की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने के विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ भूमि संरक्षण पर ध्यान देना भी जरूरी है।

कुलपति ने किसानों की आय में वृद्धि को सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य बताते हुए सतत कृषि विकास और भूमि के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कृषि विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि एवं संबद्ध विभागों के मुख्यालय और जिला स्तरीय अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय इस कर्मशाला के माध्यम से कृषि विभाग ने किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, कृषि भूमि के संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अधिकारियों की जिम्मेदारियों को रेखांकित किया।