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मैं खेलेगा (Story)

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बात है 1989 की एक क्रिकेट मैच हो रहा था इंडिया और पाकिस्तान के बीच में इंडिया almost हारने वाला ही था टेस्ट मैच था और पांचवा दिन था जिस दिन उनको डरा करवाना था उसको इंडिया का सारा बैट्समैन वसीम अकरम वकार यूनिस उनके सामने कोई नहीं टिक पा रहा था बड़े-बड़े दिग्गज आउट हो गए थे और सबको मालूम हो गया था कि इंडिया बस हारने ही वाला है अब इंडिया को कोई नहीं बचा सकता उस टाइम पर जब रवि शास्त्री श्रीकांत जैसे बड़े-बड़े प्लेयर आउट हो गए थे तो एक 16 साल का लड़का और बीच में खड़ा हो गया वह वकार यूनिस के सामने और वहां पर बाकी के जितने भी प्लेयर थे सब की यह कहना था कि उसे फास्टपिच हमने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखी उससेफास्ट पीच हमने कहीं नहीं देखी इतनी फास्ट थी पीच की किसी को बोल ही नहीं दिख रहा था.

खेलते क्या बोल तक नहीं दिख रही थी तब वह 16 साल का लड़का वहां पर खड़ा हो गया और एक बॉल आई बाउंसर बाउंसर 150 की स्पीड मे बॉल सीधा आ करके उसके नाक पर लगा और खून निकलने लगा और चारों तरफ खून ही खून था उसके कपड़े पर उसके गल्पस पर उसके फेस पर वहाँ से फिजियोथेरेपिस्ट भागता हुआ आया और उसके दूसरी तरफ जो नवजोत सिंह सिद्धू था वह आया सब आ कर के खड़े हो गए पाकिस्तान के सारे प्लेयर भागते हुए आए देखने के लिए कि भाई क्या हुआ चारों तरफ खून ही खून उधर से फिजियोथेरेपिस्ट आया और नाक पर रूई रखी खून को रोकने के लिए लेकिन खून निकलते ही जा रहा था और फिर सिद्धू ने उसको आकर के बोला कि तुम ऐसा करो तुम ना वापस चले जाओ वहां पर enjord हो करके रिटायर हर्ट हो करके फिर वापस आ जाना थोड़ी देर में तब तक यह जो इतने प्लेयर हैं वह चले जाएंगे तुम एक-दो घंटे बाद वापस आ जाना प्रॉब्लम क्या है अगर ज्यादा प्रॉब्लम लग रही है तो हॉस्पिटल जाकर के इलाज करवा लेना.

ऑलमोस्ट डिसाइड था कि वह चला जाएगा मतलब वह बैठा हुआ था तब तक कुछ ऐसा कर रहा था फिजियोथेरेपिस्ट उसको उठा रहा था कि भाई चलो पवेलियन में चलो चल कर तुम्हारा इलाज करते हैं वह परेशान हो गया और उसने दो बड़े वर्ड बोला जिससे पूरा इंडिया के ही नहीं इस पूरी दुनिया का क्रिकेट हिस्ट्री बदल रख रख दिया पूरी की पूरी दुनिया की वे दो बर्ड था मैं खेलेगा मैं खेलेगा इमेजिन करो एक 16 साल का लड़का टीवी पर जितने भी लोग देख रहे थे स्पेशली वूमेन सबका यही कहना था कि ऐसी चीजों पर बैन लगा जाना चाहिए एक 16 साल के allow ही नहीं करना चाहिए इतने बड़े-बड़े प्लेयर के सामने जाने के लिए यह कोई तरीका है क्या कर रहे हैं अगर वह पवेलियन चला जाता तो पूरी दुनिया समझ जाती पूरी दुनिया को तरस आ रहा था उसके सिवा एक इंसान के उसको खुद को बस खुद पर तरस आ रहा था और उसने बोला जिसे सब कुछ बदल गया और अगली ही बोल जो सामने से आई उसने चौका मारा अगली बोल में चौका मारने के बाद किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि वकार यूनिस की आंख में आंख डाल कर के देख सके एक 16 साल के लड़के ने आंख में आंख डालकर के देखा एक हारा हुआ मैच जो इंडिया हार पड़ा था मतलब की पूरा भरोसा था इंडिया हारेगा.

उस मैच को बचा लिया सचिन और सिद्धू की पार्टनरशिप ने 101 रन की 57 रन बनाए थे सचिन तेंदुलकर और मैच को ड्रा करा दिया था कभी ना कहो कि दिन अपना खराब है समझ लो हम कांटों से से घिर गए गुलाब हैं रखो हौषला वह मंजर भी आएगा प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा थक कर ना बैठ ए मंजिल के मुसाफिर मंजिल भी मिलेगी और जीने का मजा भी आएगा । मंजिल मिले ना मिले यह तो मुकद्दर की बात है हम कोशिश भी ना करें यह तो गलत बात है.

Story: Ravikant Kumar

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