Rath Yatra : रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा महोत्सव-2026 में उमड़ा आस्था का सैलाब, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने महाप्रभु जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।
Rath Yatra : रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा महोत्सव में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने रथयात्रा का शुभारंभ करते हुए मंदिर मार्ग पर भव्य तोरणद्वार निर्माण की घोषणा की।
रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आयोजित रथयात्रा महोत्सव-2026 श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। इस भव्य धार्मिक आयोजन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन विशेष रूप से शामिल हुए। दोनों ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं भाई बलभद्र की विधिवत पूजा-अर्चना कर समस्त झारखंडवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली और उन्नति की कामना की।
इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र “जय-जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इस ऐतिहासिक आयोजन को और भी भव्य बना दिया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इसे सामाजिक समरसता, आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खींची भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी
रथयात्रा महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक “जय-जय जगन्नाथ” का उद्घोष किया, जिसके साथ हजारों श्रद्धालुओं ने भी पूरे उत्साह के साथ जयकारे लगाए।
रथ खींचने की इस परंपरा में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। रथयात्रा के शुभारंभ के साथ ही पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार एवं राज्य की खुशहाली की प्रार्थना की।

राज्यपाल ने की प्रदेश की खुशहाली की कामना
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने झारखंड के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं।
उन्होंने रथयात्रा महोत्सव की ऐतिहासिक परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जगन्नाथपुर मंदिर को मिलेगी नई पहचान
रथयात्रा के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि जगन्नाथपुर मंदिर की भव्यता को और अधिक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार विशेष पहल करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक धार्मिक स्थल झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर है और इसे पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूती के साथ स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिल सके।

मंदिर मार्ग पर बनेगा भव्य तोरणद्वार
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर की दूर से ही स्पष्ट पहचान हो सके, इसके लिए मंदिर को जोड़ने वाली सड़क पर एक भव्य तोरणद्वार का निर्माण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह तोरणद्वार न केवल मंदिर की भव्यता को बढ़ाएगा बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। सरकार इस दिशा में शीघ्र आवश्यक प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि आने वाले समय में मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र और अधिक विकसित हो सके।

रथयात्रा मेला को और भव्य बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जगन्नाथपुर रथयात्रा का पूरे वर्ष श्रद्धालुओं को इंतजार रहता है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक मेले में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति यह साबित करती है कि जगन्नाथपुर मंदिर की दिव्यता और आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार भविष्य में इस रथयात्रा मेले को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित तथा भव्य बनाने की दिशा में कार्य करेगी।

आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम
जगन्नाथपुर रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है। इस आयोजन में विभिन्न जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठानों और भगवान जगन्नाथ की झांकियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रथयात्रा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों ने परिवार सहित भगवान के दर्शन किए और प्रदेश में सुख, शांति तथा समृद्धि की प्रार्थना की।

कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के सदस्य और हजारों श्रद्धालुओं ने रथयात्रा महोत्सव में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।
प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई
जगन्नाथपुर रथयात्रा महोत्सव-2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि झारखंड अपनी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा मंदिर मार्ग पर भव्य तोरणद्वार निर्माण की घोषणा भविष्य में इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
श्रद्धा, संस्कृति और जनभागीदारी से परिपूर्ण यह आयोजन झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ और आने वाले वर्षों में इसके और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित होने की उम्मीद भी जगी है।

