Jharkhand Weather Update : मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने पूरे झारखंड में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। रांची, जमशेदपुर, कोल्हान, खूंटी, गुमला और कई जिलों में येलो अलर्ट, जानिए कब और कहां होगी सबसे ज्यादा बारिश।
Jharkhand Weather Update : झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए अगले पांच दिनों तक व्यापक बारिश, आकाशीय बिजली और कुछ इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार पांच अगस्त से आठ अगस्त तक राज्य के 76 से 100 प्रतिशत हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं से भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रांची, जमशेदपुर, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, चतरा, लातेहार और पलामू सहित कई जिलों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
सबसे अधिक प्रभाव कोल्हान प्रमंडल के जिलों में देखने को मिलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सात अगस्त से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ-साथ वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। विभाग का कहना है कि लोग खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचें।
गुरुवार को कैसा रहेगा मौसम
छह अगस्त को पूर्वी सिंहभूम यानी जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले में सामान्य से मध्यम दर्जे की व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। हालांकि इस दिन कोल्हान के पूर्वी हिस्से के लिए भारी बारिश की अलग से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। दूसरी ओर रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, चतरा, लातेहार और पलामू प्रमंडल के कई इलाकों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन क्षेत्रों में 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है।
शुक्रवार से रविवार तक बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार सात अगस्त से नौ अगस्त की सुबह तक मानसून का प्रभाव और अधिक बढ़ जाएगा। इस दौरान कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में लगातार भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, गुमला और सिमडेगा में भी कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश के कारण छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। शहरी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट किया है कि बारिश के साथ कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है। झारखंड में हर वर्ष मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाओं में कई लोगों की जान चली जाती है। ऐसे में विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहें और बिना जरूरी कारण के बाहर न निकलें।
यदि बारिश के दौरान तेज गर्जना सुनाई दे तो तुरंत सुरक्षित भवन में शरण लें। खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत खुले स्थान छोड़ दें। मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की भी अपील की है।
अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार पांच अगस्त से आठ अगस्त तक पूरे झारखंड में व्यापक बारिश होगी। इस दौरान अधिकांश जिले बादलों से ढके रहेंगे और कई स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जाएगी।
आठ से नौ अगस्त के दौरान बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन राज्य के लगभग 51 से 75 प्रतिशत हिस्सों में वर्षा जारी रहेगी। वहीं नौ से दस अगस्त तक बारिश का दायरा और कम होगा तथा राज्य के 26 से 50 प्रतिशत क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश या बिखरी हुई वर्षा देखने को मिलेगी।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
लगातार हो रही बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और सिंचाई की आवश्यकता कम होगी। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होगी वहां जलभराव के कारण फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है।
यात्रियों और वाहन चालकों के लिए सलाह
बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़कों पर पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को तैयार रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक झारखंड में मानसून सक्रिय बना रहेगा। इसलिए लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखनी चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेष रूप से भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव साबित हो सकती है।









