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निशीकांत दूबे के समर्थन में उतरे बाबूलाल, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

News Desk

झारखंड की सियासत में बाबूलाल मरांडी एक बड़ा नाम है. राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी बीजेपी छोड़ने के बाद एक फिर बीजेपी में घर वापसी कर चुके है. तो दूसरी तरफ धमाकेदार तरीके से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हेमंत सोरेन ने कब्ज़ा जमाया है. परन्तु ताजा विवाद गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के फर्जी डिग्री से जुड़ा हुआ है.

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निशीकांत दूबे के समर्थन में उतरे बाबूलाल, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप 1

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क्या है पूरा मामला जिसपर मचा है बवाल:

गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की MBA की डिग्री फर्जी मामले ने तूल पकड़ लिया है. राज्य के मुखिया सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन समेत पूरी झामुमो और निशिकांत सूबे आमने-सामने है. आरटीआइ के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में बताया गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय से निशिकांत दुबे नाम के किसी भी व्यक्ति ने साल 1993 में एमबीए की डिग्री हासिल नहीं की है।

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सांसद निशिकांत दुबे पर ये भी आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार, देवघर सीओ के साथ मिलीभगत कर अनामिका गौतम, शेषाद्री दुबे के वकील द्वारा शपथ पत्र में छेड़छाड़ की गयी है.

झारखंड हाईकोर्ट में राम अयोध्या शर्मा ने जनहित याचिका दायर कर अनामिका गौतम द्वारा खरीदी गयी जमीन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और जमाबंदी खारिज करने की मांग की है। पिटीशनर ने इस जमीन खरीद प्रकरण की जांच सक्षम एजेंसी से कराने की मांग भी की है। इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जमीन खरीद के दौरान हुए पैसों के लेनदेन पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है.

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समर्थन में उतरे बाबूलाल मरांडी:

बीजेपी में घर वापसी करने के बाद से ही बाबूलाल मरांडी राज्य की हेमंत सरकार पर हमलावर है. समय-समय पर बाबूलाल मरांडी राज्य की राजनीती की सरगर्मी को बढ़ा देते है. इस बार भी कुछ ऐसा ही है. गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के फर्जी मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा और झारखंड पुलिस पर सवाल खड़ा करते हुए जाने-अनजाने में निशिकांत दुबे का समर्थन कर दिया है.

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निशिकांत दुबे के एमबीए सर्टिफिकेट को फर्जी बताने वाली झारखंड सीआइडी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि यह रिपोर्ट सीआइडी को 28 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने दी और उसी दिन ट्विटर पर इसे झामुमो ने जारी कर दिया। यह चिट्ठी फर्जी है या फिर पुलिस पूरी तरह से झामुमो के लिए काम कर रही है।

झारखंड पुलिस को चेतावनी देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि राजनीतिक दलों के लिए काम करने वाले पहले के पुलिस अधिकारियों का अंजाम देखकर सीख लें. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को सीधे निशाने पर लेते हुए ट्वीट किया है कि पार्टी का एजेंट बनकर लठैती कर रही झामुमो पुलिस के बल पर आप राज्य में कानून व्यवस्था और न्याय का शासन चलाना चाहते हैं?

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निशिकांत दुबे ने CM पर लगाया दुष्कर्म का आरोप:

निशिकांत दुबे ने भी 2013 में महाराष्ट्र में दर्ज एक दुष्कर्म के आरोप का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरा है। गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि सीएम हेमंत सोरेन पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस और गुंडा तत्वों का इस्तेमाल कर पीडि़ता की हत्या करा सकते हैं। निशिकांत ने उक्त मामले में सीबीआइ जांच की मांग की है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि पीड़िता द्वारा शिकायत वापस लिए जाने की वजहों की जांच करते हुए उस फाइल को फिर से खोला जाना चाहिए।

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