thumbnail-12006284

निशीकांत दूबे के समर्थन में उतरे बाबूलाल, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

News Desk
Share on facebook
Share on twitter
Share on email
Share on pocket

झारखंड की सियासत में बाबूलाल मरांडी एक बड़ा नाम है. राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी बीजेपी छोड़ने के बाद एक फिर बीजेपी में घर वापसी कर चुके है. तो दूसरी तरफ धमाकेदार तरीके से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हेमंत सोरेन ने कब्ज़ा जमाया है. परन्तु ताजा विवाद गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के फर्जी डिग्री से जुड़ा हुआ है.

Advertisement

Also Read:आदिवासी संगठनों का निर्णय, सरना स्थल से मिट्टी उठाने वाले भाजपा नेताओ का सामाजिक बहिष्कार

क्या है पूरा मामला जिसपर मचा है बवाल:

गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की MBA की डिग्री फर्जी मामले ने तूल पकड़ लिया है. राज्य के मुखिया सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन समेत पूरी झामुमो और निशिकांत सूबे आमने-सामने है. आरटीआइ के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में बताया गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय से निशिकांत दुबे नाम के किसी भी व्यक्ति ने साल 1993 में एमबीए की डिग्री हासिल नहीं की है।

Also Read: BJP सांसद निशिकांत दुबे की MBA डिग्री फर्जी, ट्विटर पर CM समेत झामुमो और सांसद आमने-सामने

सांसद निशिकांत दुबे पर ये भी आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार, देवघर सीओ के साथ मिलीभगत कर अनामिका गौतम, शेषाद्री दुबे के वकील द्वारा शपथ पत्र में छेड़छाड़ की गयी है.

झारखंड हाईकोर्ट में राम अयोध्या शर्मा ने जनहित याचिका दायर कर अनामिका गौतम द्वारा खरीदी गयी जमीन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और जमाबंदी खारिज करने की मांग की है। पिटीशनर ने इस जमीन खरीद प्रकरण की जांच सक्षम एजेंसी से कराने की मांग भी की है। इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जमीन खरीद के दौरान हुए पैसों के लेनदेन पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है.

Also Read: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, संताल परगना में जल्द खुलेगा कोरोना जांच के लिए आधुनिक लैब

समर्थन में उतरे बाबूलाल मरांडी:

बीजेपी में घर वापसी करने के बाद से ही बाबूलाल मरांडी राज्य की हेमंत सरकार पर हमलावर है. समय-समय पर बाबूलाल मरांडी राज्य की राजनीती की सरगर्मी को बढ़ा देते है. इस बार भी कुछ ऐसा ही है. गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के फर्जी मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा और झारखंड पुलिस पर सवाल खड़ा करते हुए जाने-अनजाने में निशिकांत दुबे का समर्थन कर दिया है.

Also Read: झारक्राफ्ट कंबल घोटाले में CM हेमंत सोरेन ने दिए ACB जाँच के आदेश

निशिकांत दुबे के एमबीए सर्टिफिकेट को फर्जी बताने वाली झारखंड सीआइडी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि यह रिपोर्ट सीआइडी को 28 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने दी और उसी दिन ट्विटर पर इसे झामुमो ने जारी कर दिया। यह चिट्ठी फर्जी है या फिर पुलिस पूरी तरह से झामुमो के लिए काम कर रही है।

झारखंड पुलिस को चेतावनी देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि राजनीतिक दलों के लिए काम करने वाले पहले के पुलिस अधिकारियों का अंजाम देखकर सीख लें. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को सीधे निशाने पर लेते हुए ट्वीट किया है कि पार्टी का एजेंट बनकर लठैती कर रही झामुमो पुलिस के बल पर आप राज्य में कानून व्यवस्था और न्याय का शासन चलाना चाहते हैं?

Also Read: कुणाल सारंगी ने कहा, राज्य में कोरोना के मामले बढ़ रहे, लेकिन राज्य सरकार ट्रान्सफर पोस्टिंग में लगी है

निशिकांत दुबे ने CM पर लगाया दुष्कर्म का आरोप:

निशिकांत दुबे ने भी 2013 में महाराष्ट्र में दर्ज एक दुष्कर्म के आरोप का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरा है। गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि सीएम हेमंत सोरेन पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस और गुंडा तत्वों का इस्तेमाल कर पीडि़ता की हत्या करा सकते हैं। निशिकांत ने उक्त मामले में सीबीआइ जांच की मांग की है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि पीड़िता द्वारा शिकायत वापस लिए जाने की वजहों की जांच करते हुए उस फाइल को फिर से खोला जाना चाहिए।

Advertisement

Leave a Reply

Share on facebook
Share on twitter
Share on pocket
Share on whatsapp
Share on telegram

Popular Searches