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BJP सांसद निशिकांत दुबे की MBA डिग्री फर्जी, ट्विटर पर CM समेत झामुमो और सांसद आमने-सामने

News Desk
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गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की MBA की डिग्री फर्जी मामले ने तूल पकड़ लिया है. राज्य के मुखिया सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन समेत पूरी झामुमो और निशिकांत सूबे आमने-सामने है. आरटीआइ के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में बताया गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय से निशिकांत दुबे नाम के किसी भी व्यक्ति ने साल 1993 में एमबीए की डिग्री हासिल नहीं की है।

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क्या है फर्जी डिग्री का मामला, जिस पर मचा है बवाल:

झामुमो समेत कई विपक्षी दल लंबे समय से निशिकांत दुबे की एमबीए की डिग्री को फर्जी बताते हुए सवाल उठाते रहे हैं। झामुमो पिछले कई दिनों से यह मामला उठा रहा है। देवघर में इस संबंध में मामला दर्ज करने के लिए एक व्यक्ति ने थाने में आवेदन भी दिया था। झामुमो ने दुबे पर चुनाव आयोग को भी गलत जानकारी देने का दोषी बताया है। डिग्री की सच्चाई पता लगाने के लिए बिजेंद्र कुमार पांडेय नामक एक व्यक्ति की ओर से आरटीआइ के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय से पूछा गया. जिसके जवाब में दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है की 1993 में निशिकांत दुबे नाम के किसी भी व्यक्ति ने पार्ट टाइम एमबीए की डिग्री हासिल नहीं की है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस संबंध में झारखंड पुलिस को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

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निशिकांत दुबे ने CM पर लगाया दुष्कर्म का आरोप:

निशिकांत दुबे ने भी 2013 में महाराष्ट्र में दर्ज एक दुष्कर्म के आरोप का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरा है। गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि सीएम हेमंत सोरेन पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस और गुंडा तत्वों का इस्तेमाल कर पीडि़ता की हत्या करा सकते हैं। निशिकांत ने उक्त मामले में सीबीआइ जांच की मांग की है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि पीड़िता द्वारा शिकायत वापस लिए जाने की वजहों की जांच करते हुए उस फाइल को फिर से खोला जाना चाहिए।

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ट्विटर पर कब शुरू हुआ जुबानी जंग:

निशिकांत दुबे और सीएम हेमंत सोरेन में ट्वीटर पर जुबानी जंग तेज है। सांसद निशिकांत दुबे और झामुमो के ऑफिशल ट्वीटर अकॉउंट से आमना-सामना होता रहा है. दरअसल मामला तब शुरू हुआ जब गोड्डा के रहने वाले विष्णुकांत झा ने देवघर के नगर थाना में लिखित शिकायत देकर गोड्डा लोकसभा के सांसद निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी अनामिका गौतम के विरुद्ध सरकारी दस्तावेज में छेड़छाड़, जालसाजी एवं साजिश का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाया है.

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सांसद निशिकांत दुबे पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार, देवघर सीओ के साथ मिलीभगत कर अनामिका गौतम, शेषाद्री दुबे के वकील द्वारा शपथ पत्र में छेड़छाड़ की गयी है.

झारखंड हाईकोर्ट में राम अयोध्या शर्मा ने जनहित याचिका दायर कर अनामिका गौतम द्वारा खरीदी गयी जमीन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और जमाबंदी खारिज करने की मांग की है। पिटीशनर ने इस जमीन खरीद प्रकरण की जांच सक्षम एजेंसी से कराने की मांग भी की है। इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जमीन खरीद के दौरान हुए पैसों के लेनदेन पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है

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