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झारखंड के +2 शिक्षक बहाली में विषयों को शामिल कराने के लिए चतरा से राजभवन तक पैदल मार्च, जानिए पूरा मामला

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झारखंड के +2 शिक्षक बहाली में विषयों को शामिल कराने के लिए चतरा से राजभवन तक पैदल मार्च, जानिए पूरा मामला 1

Chatra: 12 जुलाई से झारखंड +2 शिक्षक प्रतिभागी संघ ने चतरा कॉलेज चतरा से पैदल मार्च करते हुए कल शाम को हजारीबाग पहुंचा और वहीं पर सबने विश्राम किया। आज सुबह इंद्रपुरी चौक से आनंदा कॉलेज होते हुए यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंच कर वहां अनेकों छात्र एवं छात्राएं को शामिल किया फिर मेन रोड के रास्ते पैदल मार्च करते हुए कोलंबस कॉलेज होते हुए रांची राजभवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

झारखंड +2 शिक्षक प्रतिभागी संघ के द्वारा राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र, उर्दू, जनजातिय एवं क्षेत्रीय भाषा मानवशास्त्र, मनोविज्ञान कंप्यूटर विज्ञान, इत्यादि विषय को प्लस टू शिक्षक बहाली में शामिल करवाने हेतु! हजारीबाग के छात्र नेता उदय मेहता के नेतृत्व में 22 जून से लगातार अनिश्चितकालीन धरना राजभवन के पास चल रहा है।

शिक्षा मंत्री के वार्ता के बाद भी मांगे पूरी नहीं होने से संगठन के द्वारा निर्णय लिया गया है कि चतरा से राजभवन तक पैदल मार्च कर छात्रों की समस्या को जन जन तक पहुंचाया जाए! साथ ही हस्त्ताक्षर अभियान करते हुवे चतरा कॉलेज चतरा से गिधौर कटकमसांडी और हजारीबाग होते हुवे राजभवन रांची के लिए अभ्यर्थियों का जत्था जाएगा।

रैली के नेतृत्वकर्ता उदय मेहता ने कहा कि झारखंड अलग होने के 22 वर्षों के बाद भी आज तक राजनीतिशास्त्र, दर्शनशास्त्र मानवशास्त्र समाजशास्त्र कंप्यूटर साइंस, जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा एवं उर्दू जैसे महत्वपूर्ण विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं जबकि इन विषयों में 10 प्लस टू विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या काफी 4 लाख है लेकिन झारखंड राज्य गठन के 22वर्ष हो जाने के बाद भी अब तक इन विषय के शिक्षक के पद सृजन ही नही किया गया है।

इन विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण 10+2 विद्यालय द्वारा विद्यालय में इन विषय को रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और और कहते हैं कि झारखंड उच्च न्यायालय डब्ल्यू,पी पी, आई, एल, नंबर 3547/2016 अजय कुमार चौधरी बनाम राज्य सरकार ने इस विषय की आवश्यकता को देखते हुए अपना निर्णय देते हुए कहा था कि 6 महीने के भीतर इन विषयों की नियुक्ति किया जाए। हाईकोर्ट के आदेश आने के बावजूद भी राजनीतिक शास्त्र दर्शनशास्त्र, मानवशास्त्र, समाजशास्त्र, कंप्यूटर साइंस, जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा और उर्दू जैसे महत्वपूर्ण विषय को शामिल न करना सरकार के संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।रैली में शामिल कृष्णा बैठा , पिंटू कुमार, आशीष कुमार यादव, अमित रंजन, बमबम कुमार, उदय मेहता, ऐश्वर्य कुमार रंजन, गंगा कुमार,विवेक दास, मुकेश कुमार यादव, योगेंद्र दांगी, नवनीत राय इत्यादि उपस्थित थे।