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कोरोना महामारी के कारण देवघर में इस साल श्रावणी मेले के आयोजन को लेकर संशय की स्थित बनी हुई है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सह जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को बैद्यनाथधाम मंदिर व बासुकीनाथ में आम श्रद्धालुओं के लिए पूजा व विश्वव्यापी श्रावणी मेले के आयोजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की बात कही है। गोड्डा सांसद ने भी राज्य सरकार से इसे खोलने की मांग रखी है.

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इरफान अंसारी ने कहा कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे श्रद्धालुओं के साथ तो मजाक ना करें। सांसद को मालूम होना चाहिए लॉकडाउन में सभी धार्मिक स्थल बंद करने का निर्णय केंद्र सरकार ने लिया है। इसमें राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। विधायक ने कहा कि झारखंड सरकार तो इस दिशा में पहले से ही पहल कर रही है। सांसद अगर सच में इसे लेकर गंभीर होते तो वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते न कि हाईकोर्ट का ढोंग करते।

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इरफ़ान अंसारी ने कहा भाजपा के नेता केंद्र सरकार के गलत निर्णय को राज्य सरकार पर थोपना चाहते हैं। जिसे यहां की जनता बखूबी समझ रही है। राज्य की हेमंत सरकार पर अंगुली उठाना इनकी नियति बन गई है।

इरफान ने कहा कि कि अगर सांसद सच में श्रावणी मेले के आयोजन के मसले पर गंभीर हैं तो सुप्रीम कोर्ट जाए और प्रधानमंत्री से भी मेला के लिए आग्रह करें। पर यह बोलने वाले अधिक काम कम करने वाले लोग हैं।

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कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्होंने निर्णय लिया है कि वह जल्द ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और मंदिर का पट खोले जाने को लेकर याचिका दायर करेंगे। आज पूरे देश में कोरोना का प्रकोप है और यह प्रकोप सिर्फ दवा से नहीं बल्कि दुआ से ही समाप्त किया जा सकता है। कोविड-19 की इस वर्तमान आपदा के समय बैद्यनाथ के मंदिर में पूजा पर रोक लगाए रखने व श्रावणी मेला के आयोजन नहीं किए जाने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के धार्मिक भावनाओं पर भी चोट पहुंचेगी।

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