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थम गई शहर की रफ्तार आम लोगों को पैदल ही करना पड़ रहा है सफर, ऑटो चालकों ने की है हड़ताल

Arti Agarwal

झारखंड के कोयलानगरी के नाम से मशहूर धनबाद जिले के ऑटो चालक 22 दिसंबर को हड़ताल पर चले गए हैं ऑटो चालकों के द्वारा किए गए हड़ताल के कारण शहर की रफ्तार धीमी हो गई है. ऑटो नहीं चलने से हजारों लोगों को पैदल ही अपना सफर तय करना पड़ रहा है ऑटो चालकों के द्वारा किए गए हड़ताल के कारण शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है रेलवे स्टेशन और बस अड्डा तक पहुंचने के लिए यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

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ऑटो चालकों के द्वारा किए गए हड़ताल के कारण शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यात्रियों को रेलवे स्टेशन पहुंचना हो या फिर बस अड्डा उन्हें पैदल ही सफर तय करके पहुंचना पड़ रहा है यात्रियों के पास भारी-भरकम सामान होने के कारण उन्हें और भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. ऑटो हड़ताल का फायदा उठाकर धनबाद रेलवे स्टेशन के पास खड़ी रहने वाली टैक्सी वाले मनचाहा भाड़ा वसूल रहे हैं जिले के बाहर से आने वाले यात्रियों से टैक्सी वाले दोगुना किराया भी वसूल रहे हैं टैक्सी वालों के द्वारा धनबाद रेलवे स्टेशन से झरिया का किराया 400 से लेकर 500 तक की मांग की जा रही है सिर्फ यही नहीं बल्कि रिक्शा चालकों के भी भाव बढ़ गए हैं.

ऑटो चालकों ने हड़ताल इसलिए की है क्योंकि कोरोनावायरस काल में ऑटो का न्यूनतम भाड़ा बढ़ाकर ₹10 कर दिया गया था साथ ही या अभी तय किया गया था कि ऑटो चालक और सीमित संख्या में ही यात्रियों को बिठाएंगे ऑटो चालकों के द्वारा बढ़ावा भाड़ा वसूल किया जाने लगा परंतु ना ही शारीरिक तेरी का ख्याल रखा गया और ना ही सीमित यात्रियों को ऑटो में बिठाया जाने लगा जिसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से पुराना किराया लागू करने की बात कहीं गई है

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जिला प्रशासन के द्वारा ऑटो का पुराना किराया लागू करने की बात किए जाने के बाद ऑटो चालकों को जिला प्रशासन का यह फैसला नागवार गुजरा और उन्होंने अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल की घोषणा कर दी है जिसके बाद यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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