jagarnath-mahto

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने फिर दोहराया 1932 खतियान की बात, कहा झारखंडी कौन यह 1932 का खतियान तय करेगा

News Desk
Share on facebook
Share on twitter
Share on email
Share on pocket

सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने एक बार फिर राज्य में 1932 का खतियान लागू करने के पक्ष में अपनी बात राखी है. मंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार ने पहली कैबिनेट में ही तय कर दिया है कि तीन सदस्यीय कमिटी ही स्थानीय नीति के प्रारूप तय करेंगे।

Advertisement

अपना पक्ष रखते हुए कह दिया है कि 1932 खतियान को प्राथमिकता दिया जाए , साथ ही 1952 में सम्पन्न हुए पहले आम चुनाव में जिसका वोटर लिस्ट में नाम है उसको भी झारखंडी माना जा सकता है।

Also Read: बाबा बैद्यनाथ का ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे भक्त, जानें कहाँ होगा लाइव प्रसारण

हेमंत सरकार को 2019 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के साथ सत्ता तक पहुँचाने में स्थानीय निती ही सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ है. इस मुद्दे पर दो वर्षों तक विधानसभा की कार्यवाही बाधित रही और विपक्ष में रहते हुए जेएमएम के विधायकों ने सदन चलने नहीं दिया था। पार्टी ने इसे चुनाव मुद्दा बनाया और अप्रत्याशित सफलता हासिल की।

Also Read: कोरोना से मरे दो लोगो के अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय लोगो ने पुलिस पर किया पथराव

रघुवर दास की सरकार ने स्थानीय नीति की घोषणा की थी, जिसमें 1985 को झारखंडी का आधार बनाया गया था। इसके तहत वैसे झारखंड के निवासी, जो व्यापार, नियोजन एवं अन्य कारणों से झारखंड राज्य में विगत 30 वर्ष या उससे अधिक समय से निवास करते हों एवं अचल संपत्ति अर्जित की हो या ऐसे व्यक्ति की पत्नी, पति या संतान हो। ऐसे आधे दर्जन प्रावधानों को शामिल किया गया था, जिसके तहत स्थानीय का दावा पेश किया जा सकता था।

Advertisement

Leave a Reply

Share on facebook
Share on twitter
Share on pocket
Share on whatsapp
Share on telegram

Popular Searches