jharkhand high court

Epass Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट में निजी वाहन के लिए ई-पास की अनिवार्यता खत्म करने पर आज होगी सुनवाई

Arti Agarwal
Share on facebook
Share on twitter
Share on email
Share on pocket

Epass Jharkhand: झारखंड सरकार के द्वारा राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 16 मई से 27 मई के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत कई कड़े कदम उठाए हैं और सख्त दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं. सरकार की तरफ से जारी किए गए निर्देश में निजी वाहनों के लिए ई-पास की अनिवार्यता लागू की गई है. जिसे लेकर झारखंड हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है.

Advertisement

संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने ई-पास की अनिवार्यता को लागू किया है. जिससे जिले के अंदर गतिविधि करने या एक जिले से दूसरे जिले जाने के लिए भी लोगों को ई-पास की जरूरत होगी. ई-पास को पाने के लिए लोगों को कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ रहा है. साथ ही जिले के अंदर गतिविधि करने के लिए लोग ई-पास को महत्व नहीं दे रहे हैं. साथ ही उसे समाप्त करने की मांग कर रहे हैं. झारखंड में निजी वाहन चलाने के लिए ई-पास की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर 20 मई को सुनवाई होगी. झारखंड हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है.

Also Read: झारखंड के ऑक्सीजन से देश के कई राज्यों के लोगों की बच रही जान, अब पड़ोसी देश नेपाल की बारी

जनहित याचिका दायर करने वाले राजन कुमार सिंह का कहना है कि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत निजी वाहन चलाने के लिए ई-पास अनिवार्य करने को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है. राजन कुमार का कहना है कि सरकार के आदेश से निजता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन होता है आगे उन्होंने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट में अर्जेंट सुनवाई नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की है उन्होंने ई-पास की अनिवार्यता निरस्त करने की मांग की है.

Advertisement

Leave a Reply

Share on facebook
Share on twitter
Share on pocket
Share on whatsapp
Share on telegram

Popular Searches