Skip to content

Jharkhand: पति की हुई मौत तो गाँव वालो ने नहीं दिया साथ, पत्नी ने किया पति का अंतिम संस्कार

Shah Ahmad
Advertisement
Jharkhand: पति की हुई मौत तो गाँव वालो ने नहीं दिया साथ, पत्नी ने किया पति का अंतिम संस्कार 1

Jharkhand: राज्य में कोरोना का कहर इस कदर जारी है कि यदि किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो लोग उसके पास जाने से डरते हैं. ऐसा ही कुछ मामला लातेहार जिले में देखने को मिली है. जहां एक व्यक्ति की अज्ञात बीमारी के कारण मौत हो गई मृतक की पत्नी ने स्थानीय लोगों से मदद मांगी परंतु कोई भी साथ देने के लिए आगे नहीं आया जिसके बाद पत्नी ने खुद ही अपने पति के अंतिम संस्कार कर दी.

Advertisement
Advertisement

दरअसल, मामला लातेहार जिले के चंदवा का है जहां अज्ञात बीमारी से मरे एक व्यक्ति की शव यात्रा में समाज का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं हुआ. मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने मृतक के परिवार की आर्थिक मदद कर अंतिम संस्कार कराया. प्रशासनिक सहायता से मृतक की बेटी और उसकी पत्नी ने उसका अंतिम संस्कार किया.

मिली जानकारी के अनुसार चंदवा प्रखंड मुख्यालय में पिछले 15 वर्षों से मिस्त्री का काम करने वाले राजेंद्र मिस्त्री की मौत अज्ञात बीमारी से हो गई. घर में उसकी पत्नी, नाबालिग बेटी और एक 3 साल का बेटा ही था. राजेंद्र की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार करना परिवार के लिए एक समस्या बन गई थी. राजेंद्र की पत्नी ने लोगों से अंतिम संस्कार करने में मदद मांगी परंतु कोरोना के कारण लोगों के मन में इतना डर बन गया है कि कोई भी अंतिम संस्कार में भाग लेने को तैयार नहीं था.

Also Read: झारखंड के युवा वर्ग को नि:शुल्क लगेगा कोरोना का टीका, Hemant Soren ने किया ऐलान

जिसके बाद प्रखंड स्तर के अधिकारी मृतक के घर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली अंतिम संस्कार के लिए भी प्रशासन नहीं पूरी व्यवस्था की और शव को एंबुलेंस के सहारे चंदवा स्थित श्मशान घाट पहुंचाया. प्रशासन की तरफ से अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद भी की गई. मृतक की नाबालिग बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर मृतक की पत्नी भी उपस्थित थी.

Advertisement
Jharkhand: पति की हुई मौत तो गाँव वालो ने नहीं दिया साथ, पत्नी ने किया पति का अंतिम संस्कार 2