झारखंड किसी की जागीर नहीं, एक इंच भी गड्ढा खोदने नहीं दिया जाएगा- फुरकान अंसारी

Share on facebook
Share on twitter
Share on email
Share on telegram
Share on reddit

केंद्र सरकार द्वारा कॉल ब्लॉक की नीलामी करने के निर्णय पर कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा की झारखंड सरकार के बगैर सहमति लिए बिना और बगैर किसी बात-चीत के केंद्र सरकार एकतरफा निर्णय कैसे ले सकती है।

झारखंड राज्य प्रधानमंत्री मोदी जी की जागीर नहीं है की वो जो चाहेंगे वह निर्णय ले लेंगे। यह किसी भी हालत में हम लोग नहीं होने देंगे। झारखंड में आम जनता की सरकार है और झारखंड वासियों की सरकार है, तो फिर केंद्र सरकार यहां के लोगों को बिना विश्वास में लिए बिना इतना बड़ा निर्णय कैसे ले सकती है।

Also Read: PM मोदी द्वारा शुरू की गयी 41 कोयला ब्लॉक की नीलामी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेगी झारखंड सरकार

आगे पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा की केंद्र सरकार सिर्फ कॉल ब्लॉक की नीलामी का ही निर्णय नहीं ली है बल्कि इसे प्राइवेटाइजेशन करने तक का मन बना लिया है जो कोल सेक्टर के लिए घातक है। जैसा कि मालूम हो कि झारखंड में देश का 39% कोल रिजर्व है। केंद्र सरकार को चाहिए था कि वह इस दिशा में पारदर्शिता अपनाएं अथवा राज्य को होने वाले फायदा आदि का भरोसा दिलाए परंतु केंद्र सरकार बिना किसी बातचीत किये बगैर कॉल ब्लॉक की नीलामी शुरू कर दी जिस वजह से राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ गया। खनन के कारण विस्थापन की समस्या अब तक बरकरार और उलझी हुई है।

Also Read: कोल ब्लॉक नीलामी के खिलाफ SC जाने पर बाबूलाल ने राज्य सरकार को बताया समझ का फेर

कॉल ब्लॉक की नीलामी से पहले झारखंड में सामाजिक आर्थिक सर्वे होना जरूरी था ताकि उससे पता चले कि पूर्व में हुए खनन से हमें क्या लाभ अथवा हानि हुई। ऐसे कई बिंदु है जिस पर केंद्र सरकार को राज्य सरकार से तालमेल मिलाकर बातचीत करना चाहिए था। परंतु केंद्र सरकार का रवैया नकारात्मक है जो साफ साफ दिखाई दे रहा है।

Also Read: शहरी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जल्द “मुख्यमंत्री श्रमिक योजना” की शुरुआत करेगी हेमंत सरकार

केंद्र सरकार को कॉल ब्लॉक नीलामी प्रक्रिया में इतनी हड़बड़ी या जल्दीबाजी नहीं दिखानी चाहिए। आज पूरा देश कोरोनावायरस की चपेट में है और कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या चार लाख पार कर चुकी है। परंतु सरकार की नजर इस पर नहीं बल्कि कोयले पर टिकी हुई है जिसे झारखंड की जनता कतई बर्दाश्त नहीं कर सकती।

Also Read: हेमंत सरकार द्वारा कोल ब्लॉक नीलामी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर सरयू राय ने बताया राज्यहित में सही कदम

फुरकान अंसारी ने सरयू राय कसा तंज, कहा सरयू राय जी का बॉडी लैंग्वेज समझ में नहीं आता है:

पूर्व सांसद ने सरयू राय द्वारा कोल ब्लॉक आवंटन संबंधी सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की मांग को लेकर भी कहा कि मुझे सरयू राय जी का बॉडी लैंग्वेज समझ में नहीं आता। कभी वह हेमंत सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय का स्वागत करते हैं तो कभी इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करते हैं। कॉल ब्लॉक आवंटन विषय पर राज सरकार अपने मंत्रिमंडल एवं अपने विधायकों से निर्णय लेगी। इसमें सभी दल के नेताओं को बुलाने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार निर्णय लेने के लिए सक्षम है।

Leave a Reply

In The News

मानसून सत्र में खाली रहेगी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी, दलबदल मांगा गया है जवाब

झारखंड कि राजनीति में दलबदल का खेल कई सालो से चलता आ रहा है. उसी कड़ी में एक बार फिर…

विधायक अमर बोउरी का राज्य सरकार पर तंज, हेमंत सरकार का दलितों के साथ व्यवहार संतोषजनक नही

राज्य की हेमंत सरकार पर चन्दनक्यारी से बीजेपी विधायक अमर कुमार बाउरी ने बड़ा आरोप लगाया है. विधायक ने कहा…

एक साथ चार लोगो की हत्या, प्रेम प्रसंग में हत्या हुई या नहीं पुलिस कर रही जाँच

मंगलवार की सुबह झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत डेंगरडीह नामक गाँव से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई…

यूरिया खाद की कमी को दूर करे सरकार : संजय मेहता

यूरिया खाद की कमी को लेकर आप ने सरकार पर हमला बोला है। पार्टी के बरही विधानसभा प्रभारी एवं पूर्व…

सुदर्शन चैनल और उनके एंकर सुरेश पर बरियातू थाना में छात्रों द्वारा हुआ मुकदमा दर्ज

30 अगस्त को एमएसएफ के प्रदेश अध्यक्ष शाहबाज़ हुसैन एवं बरियातू और बड़ागयीं बस्ती के नौजवान द्वारा सुरेश चह्वाण ,…

30 सितंबर तक बढ़ा लॉकडाउन, मिल सकेंगी इन जगहों को छुट, परीक्षार्थियों के लिए खास इन्तेजाम

रांची: राज्य में बढ़ते COVID19 संकरण को देखते हुए राज्य सरकार ने शुक्रवार को लॉकडाउन की अवधि 30 सितंबर तक…

Get notified Subscribe To The News Khazana

Follow Us

Popular Topics

Trending

Related News

जोहार 😊

Popular Searches