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Jharkhand Niyojan Niti: राज्य के 7 लाख युवाओं की राय पर बनेगी नियोजन नीति, नियुक्ति शुरू करने के लिया हेमंत कर रहे प्रयास

Jharkhand Niyojan Niti: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के युवाओं को नियुक्ति प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. झारखंड की नियुक्ति में दुसरे राज्य के अभियार्थी आ कर नौकरी पाते रहे है इसे रोकने के लिए ही हेमंत सरकार ने अपनी नियोजन नीति लेकर आई थी लेकिन यूपी और बिहार के लोगो द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसे रद्द करवा दिया गया.

अब सरकार नई तरीके से युवाओ को नौकरी देने के लिए नियोजन नीति ला रही है जिसका ड्राफ्ट भी तैयार हो चूका है. सरकार ने नियोजन नीति को लेकर राज्य के युवाओं के साथ संवाद किया था. राज्य के सात लाख युवाओं को मुख्यमंत्री का रिकॉर्डेड संदेश भेज कर उनकी राय मांगी गयी थी. राज्य के 90 फीसदी युवाओं की एक ही राय थी कि सरकार सबसे पहले नियुक्ति प्रक्रिया अविलंब शुरू करे. युवाओं की राय के आधार पर ही सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में पहल की है. सूचना के मुताबिक गैर आरक्षित रिक्तियों में कुछ बैरियर लगा कर सरकार नयी नीति बनायेगी.

Jharkhand Niyojan Niti: 2016 से पहले क्या थी झारखंड की नियोजन नीति, हेमंत क्यूँ उसे वापस लाने की कर रहे है बात

18 अप्रैल 2016 को तत्कालीन रघुवर दास की सरकार द्वारा लागू नीति से पहले की नीति के आधार पर नियुक्तियों में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था. इसमें आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के आरक्षण यानि इडब्ल्यूएस को जोड़ दिया जाये , तो इस नीति के अनुरूप 60 प्रतिशत रिक्तियां आरक्षित हो जायेगी. आरक्षित श्रेणी में स्थानीय की नियुक्तियों को लेकर बहुत परेशानी नहीं है. झारखंड से निर्गत हाेनेवाले प्रमाण पत्र वैध होंगे़. वहीं गैर आरक्षित श्रेणी में सरकार कुछ नये प्रावधान को जोड़कर लागू कर सकती है. इसमें यहां के स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की बात होगी.

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सीएम के रिकार्डेड कॉल में कहा जाता है कि स्थानीय नीति पर हम हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दें या जब तक 1932 के खतियान पर आधारित नियोजन नीति और पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण नीति के विषय को नौंवी अनुसूची में संरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक के लिए 2016 से पहले की नियोजन नीति को बहाल करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाये. मेरा पूरा प्रयास है कि राज्य के आदिवासी-मूलवासी के हितों की रक्षा की जाये. साथ ही रोजगार-नौकरी के पर्याप्त अवसर भी समय रहते उपलब्ध हों. युवा साथियों मैं आप ही में से एक हूं. ऐसी परिस्थिति में आपकी राय जानना चाहता हूं कि पूर्व की नियोजन नीति के आधार पर भी नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ कर देनी चाहिए? हां -नहीं में आप अपना उत्तर दें.

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