Skip to content

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर हेमंत सोरेन ने कहा प्रकृति और संस्कृति के संरक्षक हैं आदिवासी समाज

Advertisement
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर हेमंत सोरेन ने कहा प्रकृति और संस्कृति के संरक्षक हैं आदिवासी समाज 1

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर राज्य की हेमंत सरकार ने एक बड़ी घोषणा की है. राज्य सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस (09 अगस्त) को झारखंड में राजकीय अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।

Advertisement
Advertisement

प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को होगा राजकीय अवकाश:

झारखंड में अब से हर वर्ष विश्व आदिवासी दिवस के दिन सरकारी छुट्टी होगी। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क मोरहाबादी, रांची में पौधारोपण किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। आदिवासी के नाम पर ही कई चीजें छुपी है। प्रकृति और संस्कृति के बीच रहने वाला है यह समाज प्रकृति के पुजारी हैं। यह गौरव की बात की आज प्रकृति के इतने करीब रहने वाले लोग खुशियां मना रहे है। वैश्विक महामारी के कारण आज का यह कार्यक्रम भव्य तो नहीं हो सका परंतु आने वाले वर्षों में यह दिवस व्यापक रूप से मनाया जाएगा।

Also Read: हेमंत सोरेन ने सांसद निशिकांत दुबे पर ठोका 100 करोड़ मानहानि का मुकदमा

पारंपरिक परिधान में नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क पहुंचे मुख्यमंत्री:

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पारंपरिक परिधान पहनकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क में पारंपरिक तरीके से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। मौके पर मुख्यमंत्री ने मांदर भी बजाया। मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस के शुभ अवसर पर देश के विभिन्न प्रांतों और दुनिया के कोने-कोने में बसने वाले आदिवासी समुदायों को शुभकामनाएं दी और झारखंडी ‘जोहार’ कहकर नमन किया। मुख्यमंत्री ने नीलाम्बर-पीताम्बर पार्क में स्थापित झारखंड के वीर सपूत नीलाम्बर-पीताम्बर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

Also Read: भाभी जी पापड़ से ठीक होगा कोरोना, कहने वाले केंद्रीय मंत्री कोरोना पॉजिटिव

झारखंड की कला संस्कृति की अलग पहचान:

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड जनजातीय बहुल प्रदेश है। यहां की कला संस्कृति की अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि संविधान में आदिवासियों को प्रदत्त शक्तियों के बावजूद हम आज इस सफर में कहां तक पहुंचे हैं यह आज हमारे लिए एक सवाल है और चिंतन का विषय है। चाहे वह किसी भी क्षेत्र में क्यों न हो। आज का दिन हम सबों को संकल्प लेने का दिन है।

Also Read: कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ हो रहे विरोध के बाद बैकफुट पर केंद्र सरकार, 41 कोल ब्लॉक की नीलामी टली

संक्रमण की चुनौती से निपटना है:

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि शुरुआती दिनों से ही कोरोना संक्रमण पर सरकार की नजर है। ऐसी परिस्थिति में संक्रमण से जंग भी लड़ना है और जीतना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने पूरे देश में अनलॉक की प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। राज्य में हमारी कई संस्थाएं और व्यवस्थाएं अभी तक बंद पड़ी हैं। राज्य में आज बेरोजगारी की बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए जो भी बेहतर होगा वो हमारी सरकार कर रही है और आगे भी करेगी। हर समस्याओं से निपटने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

Advertisement
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर हेमंत सोरेन ने कहा प्रकृति और संस्कृति के संरक्षक हैं आदिवासी समाज 2