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किसान आंदोलन पर बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, आंदोलन की आड़ में असामाजिक तत्व महौल बिगाड़ रहे है

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कृषि कानून पर चौतरफा घिरी केंद्र सरकार किसान आंदोलन को लेकर अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़ी बात कही है केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन कर रहे किसानों से कहा है कि वह अपने मंच का दुरुपयोग नहीं होने दें और सतर्क रहें केंद्रीय मंत्री का बयान तब आया है जब आंदोलित किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है

पीयूष गोयल ने अपने बयान में कहा है कि किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन कुछ असामाजिक वामपंथी और माओवादी तत्व के लोग आंदोलन का माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं खाद रेलवे और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ माओवादी और वामपंथी तत्वों ने आंदोलन का नियंत्रण संभाल लिया है और किसानों के मुद्दे पर चर्चा करने की जगह कुछ और एजेंटों के साथ काम कर रही है पीयूष गोयल ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे किसी के बहकावे में ना आकर सरकार से बातचीत करें किसानों के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं और सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है

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पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “देश की जनता देख रही है उसे पता है कि क्या चल रहा है समझ रही है कि कैसे पूरे देश में वामपंथियों और माओवादियों को कोई समर्थन नहीं मिलने के बाद भी किसान आंदोलन को हाईजैक करके इस मंच का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करना चाहते हैं” किसान नेताओं ने हालांकि बृहस्पतिवार को स्पष्ट रूप से कहा था कि केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ उनके प्रदर्शन का राजनीति से कोई वास्ता नहीं है

बता दे कि किसानों और सरकार के बीच कई दोनों की बातचीत बेनतीजा साबित हुई है जिसके बाद किसान नेताओं ने गुरुवार को यह घोषणा की थी कि सरकार यदि उनकी मांगे नहीं मानती है तो वह देश भर में रेलमार्ग को जाम करेंगे और शीघ्र ही इस बारे में तारीख भी घोषित करेंगे किसान नेताओं और सरकार के बीच कम से कम पांच दौरे की वार्ता हो चुकी है परंतु अभी भी तीन नए कृषि कानून को लेकर गतिरोध जारी है

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