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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हो रहे शांति प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों द्वारा पब्लिक संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। अलीगढ़ में भी इसका व्यापक असर देखा गया। इसकी भरपाई के लिए बवालियों से वसूली किए जाने के निर्णय के बाद से मुकदमों की संख्या बढ़ने लगी है।
बता दें की ज्यादातर तोड़ फोड़ करने वाले UP पुलिस सुरक्षाकर्मी की तसवीरें वायरल हो रही है जिसमें साफ़ नजर आ रहा है की किस तरह UP पुलिस लोगो के घरो में घुस कर तोड़ फोड़ कर रही है, और गाड़ियों के शीशो को तोड़ रही है , यहां तक की CCTV को भी तोड़ रही है | लेकिन अबतक पुलिस ने कोई सफाई नहीं दी, और ना ही उन पर कोई करवाई की गई,

Police Brutality in Uttar Pradesh Ruling BJP Yogi Adityanath #Humanrightsviolationindia

Police Brutality in Uttar Pradesh Ruling BJP Yogi Adityanath#Humanrightsviolationindia

The News Khazana यांनी वर पोस्ट केले मंगळवार, २४ डिसेंबर, २०१९

15 दिसंबर के बवाल में आरएएफ की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कमांडेंट की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में 10 हजार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमें ज्यादातर लोग मुस्लिम वर्ग के हैं। शिकायत में बवाल के दौरान आरएएफ के नुकसान का उल्लेख किया है। कमांडेंट की ओर से सरकारी कार्य में बाधा, बल्वा व 144 के उल्लंघन की धाराओं में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि डीएम के बुलावे पर उनकी वाहिनी ने दो कंपनी क्रमश: A / 108, D / 108 एएमयू सर्किल पर तैनात थी।

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