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कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ हो रहे विरोध के बाद बैकफुट पर केंद्र सरकार, 41 कोल ब्लॉक की नीलामी टली

News Desk

देशभर में आत्मनिर्भर भारत के तहत होने वाली 41 कोल ब्लॉक की नीलामी को केंद्र सरकार ने स्थगित कर दिया है. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 41 कोल ब्लॉक की नीलामी 18 अगस्त को होने वाली थी लेकिन इसे टाल कर आगे 2 महीने बढ़ा दिया गया है. नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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कोल ब्लॉक नीलामी के खिलाफ अदालत में है मामला:

कोरोना महामारी की वजह से उपजे आर्थिक संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से आत्मनिर्भर कार्यक्रम के तहत 41 कोल ब्लॉक को निजी हाथो में सौपने का निर्णय हुआ है. लेकिन इसे नीलामी की प्रक्रिया के तहत निजी हाथो में दिया जायेगा। जिसका विरोध झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कर रहे है. कोल ब्लॉक की नीलामी और निजी हाथो में सौपने के फैसले के खिलाफ सीएम सोरेन सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुके है. हेमंत सोरेन का कहना है की कॉल ब्लॉकों को निजी हाथो में देने और उसे नीलम करने का फैसला केवल केंद्र की सरकार नहीं ले सकती है. इसमें राज्य सरकार की सहमति की भी जरुरत है. क्यूंकि राज्य को बेहतर तरीके से राज्य की सरकार ही जानती है. पूर्व में भी झारखंड को छला गया है हम दोबारा ऐसा होने नहीं देंगे।

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नीलामी और निजीकरण के खिलाफ मजदूर संगठन कर रहे है विरोध:

कॉमर्शियल माइनिंग के खिलाफ पूर्व में भी तीन दिवसीय हड़ताल हो चूका है. कोल ब्लॉक को निजी हाथो में सौपने और कोल ब्लॉक नीलामी को लेकर मजदुर संगठन पिछले माह यानी जुलाई में 2-4 तारीख के बीच हड़ताल पर जा चुके है. एक बार फिर मजदूर संगठन हड़ताल पर जाने की घोषण कर चुके थे. इस बार वे 18 अगस्त को हड़ताल पर जाने का फैसला कर चुके थे क्यूंकि इसी दिन 41 कोल ब्लॉक की नीलामी होनी थी. जिसका विभिन्न मजदुर संगठन लगातार विरोध कर रहे थे. लेकिन अब नीलामी स्थगित होने के बाद मजदूर संगठन से अपनी पहली जीत बता रहे है.

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कमर्शियल माइनिंग में जिन 41 कोल ब्लॉक की नीलामी होना है उनमे झारखंड के भी 9 कोल ब्लॉक शामिल है. ऐसे में लाजमी है की इसका व्यापक असर झारखंड में देखने को मिलेगा। झारखंड में कोल ब्लॉक नीलामी का विरोध इस कदर है की राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुके है. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर एक याचिका दायर की है जिसमे कहा गया है की कोल ब्लॉक के निजीकारण का फैसला लिया गया है साथ ही इसकी नीलामी भी होनी है लेकिन जिस राज्य में यह सब होगा उसे ही इसकी खबर नहीं है. बिना राज्य सरकार से विचार किए कैसे नीलामी की जा सकती है.

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