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सुन्नी वक्फ बोर्ड का फैसला नहीं बनेगा बाबरी मस्जिद, अस्पताल और कम्युनिटी किचन बनाने का निर्णय

News Desk
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राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का विवाद अदालत में जा कर खत्म हुआ. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ़ किया तो वहीं बाबरी मस्जिद के पक्षधरों को भी मस्जिद निर्माण के लिए अलग से जमींन देने का आदेश सरकार को दिया। 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की गई, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथी के रूप में शामिल हुए. तो दूसरी तरफ सुन्नी वक्फ बोर्ड ने बाबरी मस्जिद नहीं बनाने का निर्णय लिया है.

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अयोध्या में नहीं बनेगा बाबरी मस्जिद:

सरकार से मिलने वाले जमींन पर बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं किया जायेगा, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस बात को साफ़ किया है. सुन्नी वक्फ बोर्ड ने साफ़ किया है की सरकार की तरफ से मिलने वाली जमीन पर जो मस्जिद बनाया जायेगा उसका नाम बाबरी मस्जिद नहीं होगा। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही सुन्नी वक्फ बोर्ड ने एक ट्रस्ट का गठन किया है, जिसे इंडो-इस्लामिक का नाम दिया गया है. ट्रस्ट को जिम्मेदारी दी गई है की सरकार की तरफ से जो जमीन मस्जिद निर्माण के मुहैया कराया गया है वहाँ केवल मस्जिद नहीं बल्कि अस्पताल और कम्युनिटी किचन बनाने का जिम्मा भी दिया गया है.

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राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद लगातार बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर सवाल हो रहे थे कि बाबरी मस्जिद का निर्माण कब होगा? परन्तु सुन्नी वक्फ बोर्ड के इस निर्माण के बाद साफ़ हो गया है की वहाँ बाबरी मस्जिद के नाम से कोई मस्जिद नहीं होगी। लेकिन मस्जिद का निर्माण किया जायेगा और उसके साथ-साथ अस्पताल और कम्युनिटी किचन भी बनाया जायेगा।

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नहीं होगा मस्जिद का शिलान्यास कार्यक्रम:

सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से किया जा रहा था की क्या जिस तरह से सीएम राम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में गए थे उसी तरह मस्जिद निर्माण के कार्यक्रम में जायेंगे? इस सवाल पर इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के प्रवक्ता ने कहा की इस्लाम धरम में मस्जिद निर्माण के पहले कोई भी शिलान्यास कार्यक्रम नहीं किया जाता है. तो फिर जाहिर है कि ऐसा कोई भी कार्यक्रम ट्रस्ट की तरफ से नहीं किया जाएगा।

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