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Babulal pradeep bandhu

दलबदल मामले में आज सुनवाई करेगे स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो, बाबूलाल प्रदीप और बंधु रखेगे अपना पक्ष

Shah Ahmad

पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के बाद झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी में कर दिए लेकिन विलय से पहले पार्टी के अन्य दो विधायक जो भाजपा में जाने को तैयार नहीं थे उन्हें एक-एक करके बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. 2019 के विधानसभा चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर राजधनवार से बाबूलाल मरांडी, पोड़ैयाहाट से प्रदीप यादव और मांडर से बंधु तिर्की जीतकर विधानसभा पहुंचे थे लेकिन प्रदीप यादव और बंधु तिर्की भाजपा में जाने को तैयार नहीं थे इसी वजह से उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और बाबूलाल मरांडी अपनी पार्टी समेत अन पदाधिकारियों को लेकर भाजपा में विलय कर गए.

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भाजपा में विलय करने के बाद बाबूलाल मरांडी को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष का दावेदार पेश किया गया साथ ही उन्हें भाजपा के विधायक दल का नेता चुना गया परंतु विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष मानने से इंकार कर रहे हैं और वे उन पर दलबदल का मामला चला रहे हैं. दलबदल मामले को लेकर आज स्पीकर सुनवाई करेंगे. बता दे कि बाबूलाल मरांडी भाजपा में जाने के बाद प्रदीप यादव और बंधु तिर्की कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं.

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दलबदल मामले में विधानसभा में पहली बार स्पीकर अपने न्यायाधिकरण में सुनवाई करने वाले हैं इससे पूर्व बाबूलाल मरांडी प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को स्पीकर ने नोटिस भेज कर अपना पक्ष रखने को कहा था तीनों विधायकों के द्वारा स्पीकर को जवाब देने के बाद उन्हें न्यायाधिकरण में अपना प्रतिनिधि या खुद हाजिर होकर पक्ष रखने को कहा गया है स्पीकर ने इन्हें भेजे गए पत्र में कहा था कि आपका मामला दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल का प्रतीत हो रहा है इसी वजह से बाबूलाल मरांडी सदन में नेता प्रतिपक्ष बनते बनते रह चुके हैं लेकिन अब सबकी निगाहें स्पीकर रविंद्र नाथ महतो के फैसले पर टिकी हुई है कि वह किस प्रकार का फैसला लेते हैं इससे यह रास्ता साफ होगा कि बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष बनते हैं या नहीं

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