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जानें नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास, किस ने आग लगाई और क्यों?

नालंदा शब्द संस्कृत के 3 शब्द से बना है ना +आलम +दा इसका अर्थ होता है ज्ञान रूपी उपहार इस विश्वविद्यालय में हर्षवर्धन धर्मपाल वसुबंधु धर्म कृति नागार्जुन आदि कई अन्य विद्वानों ने पढ़ाई की थी उस समय यहां लिटरेचर एस्ट्रोलॉजी साइकोलॉजी ला साइंस इतिहास मैथ्स आर्किटेक्चर भाषा विज्ञान इकोनॉमिक्स मेडिसिन आदि कई विषय पढ़ाए जाते थे शिक्षा के मामले में आज भले ही भारत दुनिया के कई देशों से पिछड़ा है लेकिन एक समय था जब हिंदुस्तान शिक्षा का केंद्र था भारत में दुनिया का पहला विश्वविद्यालय खुला था जिसे नालंदा विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है यह विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय भी था जिसमें 10000 विद्यार्थी और 2000 शिक्षक रहते थे इसमें शिक्षा ग्रहण करने के लिए भारत से ही नहीं बल्कि कोरिया चीन जापान तिब्बत इंडोनेशिया तुर्की इत्यादि कई देशों से विद्यार्थी पढ़ने आया करते थे नालंदा के लाइब्रेरी में तकरीबन 90 लाख पांडुलिपि या और हजारों किताब रखी हुई थी l

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नालंदा विश्वविद्यालय को लाइब्रेरी में किस ने आग लगाई और क्यों लगाई आइए जानते हैं:-

आप लोगों ने पद्मावत फिल्म देखा होगा उसमें रणवीर सिंह ने खिलजी का रोल किया था l एक समय बख्तियार खिलजी ने उत्तर भारत में बौद्धों द्वारा शासित कुछ क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और एक बार वह काफी बीमार हो गया उसने अपने हकीमो से काफी इलाज किया लेकिन ठीक नहीं हो रहा था और मरने की स्थिति में हो गया तभी किसी ने उसको सलाह दी वह नालंदा विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विभाग के प्रमुख आचार्य राहुल श्री भद्र को दिखाएं और इलाज करवाएं परंतु इसके लिए खिलजी तैयार नहीं था उसे अपने हकीमो पर पूरा भरोसा था गैरों पर नहीं वह मानने को तैयार ही नहीं था कि उसको हकीमो से ज्यादा भारत के बैध ज्ञानी होंगे लेकिन अपनी जान बचाने के लिए नालंदा विश्वविद्यालय आयुर्वेद विभाग के प्रमुख आचार्य राहुल श्री भद्र को बुलाना पड़ा फिर खिलजी ने बैध राज के सामने एक अजीब सी शर्त रख दी कहां की उनको द्वारा दी गई,

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Nalanda University

कोई दवा नहीं खाएगा बिना दवा के ठीक करके दिखाओ वैधराज ने उनकी शर्त को मान लिया बोला ठीक है मैं बिना दवा के आपको ठीक कर दूंगा कुछ दिन के बाद खिलजी के पास एक कुरान लेकर पहुंचे और कहां कि कुरान को इतना से लेकर इतना तक पढ़ लीजिए ठीक हो जाएंगे बैध राज के बताए हुए अनुसार पढ़े कुरान और वह ठीक हो गए ऐसा कहा जाता है कि राहुल श्रीभद्र ने कुरान के कुछ पन्नों पर दवा की लेप लगा दी थी वह थूक लगा लगाकर पढ़ता था और दवा उसके शरीर के अंदर चला जाता था और वह ठीक हो गया खिलजी इस बात से परेशान रहने लगा कि एक भारतीय ने अपनी बुद्धि से है हमें प्राप्त कर दिया और ठीक कर दिया भारतीय विद्वान और शिक्षकों को उसको हकीमो से ज्यादा ज्ञान था फिर उसने ज्ञान बौद्ध धर्म और आयुर्वेद को जड़ से नष्ट करने का फैसला किया खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय की महान पुस्तकालय को आग लगा दी ऐसा कहा जाता है कि नालंदा विश्वविद्यालय में इतनी किताब थी कि 3 महीनों तक जलती रही थी इसके बाद खिलजी के आदेश पर बौद्ध भिक्षुओं की और विद्वानों की हत्या कर दी गई।

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बिहार आए नालंदा विश्वविद्यालय का खंडहर को जरूर देखने जाए वहां बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.

Story: रविकांत कुमार (MR RB)

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